कोरोना से निपटने के लिए सभी मोर्चों पर जबरदस्त तैयारी की जा रही है। इसी के मद्देनजर यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने यूटी सचिवालय में अधिकारियों के साथ कोरोना को लेकर एक समीक्षा बैठक में प्रशासन के सभी विभागों, स्कूलों, कॉलेजों में बायोमीट्रिक अटेंडेंस लेने पर तुरंत रोक लगा दी गई है। सोमवार से अधिकारी और कर्मचारी रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
प्रशासन की तरफ से जारी आदेश में कोरोना के संक्रमण से निपटने के लिए कई लोगों के हाथ के संपर्क में आने वाली चीजों के प्रयोग से यथासंभव बचने की बात कही गई है। डोरबेल, हैंडल, पानी पीने के स्थान के साथ-साथ टॉयलेट्स में भी जिन चीजों के इस्तेमाल में हाथ का इस्तेमाल किया जाता है, उनके समय-समय पर सेनिटाइज करने का निर्देश दिया गया है।
गौरतलब है कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के सरकारी विभागों में बायोमीट्रिक अटेंडेंस लगाकर सभी कर्मचारियों की कार्यालय में समय से उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। फिलहाल कोरोना ने प्रधानमंत्री की उस पहल पर रोक लगा दी है।
ब्रेथ एनलाइजर के इस्तेमाल पर भी रोक
शुक्रवार को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने यूटी सचिवालय में अधिकारियों के साथ कोरोना को लेकर एक समीक्षा बैठक ली। बैठक में बताया गया कि चंडीगढ़ में कोरोना से बचने के लिए पीजीआई, जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 में आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए हैं। इसके अलावा लोगों को जागरूक करने के लिए जल्द ही एक हेल्पलाइन नंबर भी तैयार किया जा रहा है।
प्रशासक बदनौर ने शहरवासियों से अपील की है कि वे बड़े समारोह जहां पर काफी संख्या में लोग इकट्ठे हों, वहां जाने से बचें। इसके अलावा होली मिलन समारोह से भी दूरी बनाने का प्रयास करें। इसके अलावा पुलिस नाकों पर शराब की मात्रा को चेक करने वाले ब्रेथ एनलाइजर के इस्तेमाल पर भी रोक लगा दी है।