अमृतसर में लोगों को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल
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अरविंद केजरीवाल पर पलटवार करते हुए अब बिक्रम सिंह मजीठिया ने उन्हें आक्रामक तेवर दिखाते हुए बड़ा चैलेंज दिया है। उन्होंने चुनौती दी है कि उनकी ओर से दायर मानहानि के मामले में रोजाना सुनवाई पर सहमति देकर नैतिक और राजनीतिक साहस दिखाएं।
मजीठिया ने कहा कि केजरीवाल की अदालत में एक पेशी ने ही साबित कर दिया कि वह कितने डरे-सहमे हैं। जबकि उनकी ओर से देश के अन्य नेताओं के खिलाफ रोजाना दिए जाने वाले बयान सिर्फ नौटंकी के सिवा और कुछ नहीं हैं।
मजीठिया ने कहा कि अन्य नेताओं पर आरोप लगाने वाला आज खुद कठघरे में हैं। वह खरगोश की तरह भागते फिर रहे हैं। केजरीवाल मानहानि के मामले में अदालत से लंबी तारीखें मांग रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि मामले में उन्हें सजा तय है।
रोज अदालत में सुनवाई को सहमत हो जाएं केजरीवाल
पंजाब के मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया पत्रकारों से बातचीत करते हुए
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उन्होंने कहा कि केजरीवाल द्वारा खुद लंबी तारीख की मांग किए जाने से उनके समर्थकों का भी मनोबल गिरा है, जिन्हें उम्मीद थी कि उनका हीरो अदालत में पहले ही दिन कुछ खास करेगा।
मजीठिया ने केजरीवाल को चुनौती देते हुए कहा कि उन्हें जेल भेजने के लिए आप प्रमुख को छह माह का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। यदि उनमें जरा भी हिम्मत है तो वह इस मामले में रोजाना अदालत में सुनवाई के लिए सहमत हों और उनके ऊपर लगाए नशा तस्कर के आरोप साबित करें।
मजीठिया ने कहा कि वह पूरी तरह तैयार हैं और केजरीवाल अदालत पहुंच उनका सामना करें। इससे मामले का कुछ दिन में ही फैसला हो जाएगा। यह भी साबित होगा कि मैं जेल जाऊंगा या खुद केजरीवाल जाएंगे। इससे लोगों को भी वास्तविकता का पता चल सकेगा।
मजीठिया ने कहा कि केजरीवाल लंबी तारीखें मांगकर पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव तक बचना चाहते हैं। उसके बाद अदालत से दोषी करार दिए जाने पर वह माफी मांग पीछा छुड़ा लेंगे, जो पहले भी आप नेता करते आए हैं।