मजीठिया ने आप सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर पलटवार करते हुए कहा कि सरकार गलत तत्वों को वही कृत्य दोहराने और उन्हें कानूनी रंग देने की अनुमति दे रही है और उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर रही है। अमृतपाल के बारे में पूछे जाने पर मजीठिया ने कहा कि असली तो असली है और नकली हमेशा नकली ही रहेगा। जब उन्हें अमृतपाल द्वारा उनके खिलाफ जहर उगलने की शिकायत करने वाले हिंदू समुदाय के सदस्यों के फोन आते हैं तो उनका कोई जवाब नहीं होता है। यह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
किसी को भी इस तरह से किसी समुदाय का अपमान करने का अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री भले ही इस मामले में चुप रहें लेकिन हम हिंदू, ईसाई और मुस्लिम समेत अल्पसंख्यकों को कोई नुकसान नहीं होने दे सकते। अगर आवश्यक हुआ तो वे शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए पहला शॉट लेने के लिए भी तैयार हैं।
उन्होंने पंजाब में विभिन्न समुदायों के ध्रुवीकरण के लिए एजेंसियों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी निंदा की। सिख फॉर जस्टिस और इसके नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए अकाली नेता ने कहा कि वे उन्हें चुनौती देते हैं कि वे यहां आकर जनमत संग्रह के बारे में सवाल पूछें, न कि विदेशी जमीन पर बैठकर यहां का माहौल खराब करें। उन्होंने मांग की है कि सरकार ऐसे तत्वों से सख्ती से निपटे और कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट करने के लिए छोटे बच्चों को जेलों में धकेला जा रहा है।
मजीठिया ने राज्य में अपनी इच्छा के अनुसार फिरौती लेने वाले गैंगस्टरों को आप सरकार द्वारा प्रोत्साहित किए जाने की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि सिद्धू मूसेवाला को मारने की साजिश तिहाड़ जेल में रची गई थी जो दिल्ली में आप सरकार के अधीन है। दिल्ली के जेल मंत्री सतिंदर जैन पहले से ही जेल में बंद कैदियों से करोड़ों रुपये रंगदारी वसूलने के आरोपों का सामना कर रहे हैं। इसी तरह गोइंदवाल साहिब जेल में गैंगस्टर दीपक टीनू को अगवा करने की साजिश रची गई थी लेकिन तत्कालीन एडीजीपी जेल हरप्रीत सिद्धू या जेल मंत्री हरजोत बैंस के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।