श्री अमरनाथ की आठ दिन की यात्रा में सोलह श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। इसका कारण अधिक बर्फबारी बताया जा रहा है। पिछले साल पूरी यात्रा में आठ श्रद्धालुओं की जान गई थी।
वर्ष 2012 में अधिक बर्फबारी के कारण श्री अमरनाथ यात्रा में 107 लोगों की मौत हुई थी। वीरवार और शुक्रवार को बारिश पड़ने के कारण बालटाल से यात्रा रोक दी गई थी। शनिवार को बालटाल के रास्ते तकरीबन 18 हजार यात्री पवित्र गुफा के दर्शन करने के लिए रवाना किए गए।
ऊंचाई पर ऑक्सीजन कम
श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन (एसएबीएलओ) के प्रधान विजय ठाकुर ने बताया कि दो दिन मौसम खराब होने के कारण यात्रा रोक दी गई थी। शनिवार सुबह बालटाल के रास्ते से लगभग 18 हजार लोगों को पवित्र गुफा के दर्शन करने के लिए भेजा गया। उन्होंने बताया कि दुख की बात ये है कि आठ दिन की यात्रा में करीब सोलह श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है जो पिछले साल की तुलना में दोगुना है।
इसका मुख्य कारण अधिक बर्फबारी है क्योंकि लोग मुंबई व दिल्ली से सीधा हवाई जहाज से श्रीनगर पहुंचते हैं और श्रीनगर से बालटाल पहुंचकर यात्रा शुरू कर देते हैं। थोड़ी देर आराम भी नहीं करते हैं और कपडे़ भी मौसम के हिसाब से नहीं लाते हैं। इसके कारण चढ़ाई चढ़ते समय अधिक बर्फ होने पर सांस लेना मुश्किल हो जाता है। ऊंचाई पर ऑक्सीजन कम होती है। इसके कारण श्रद्धालुओं की मौत हो रही है।
बर्फ के कारण लंगर समितियां परेशान
प्रधान विजय ठाकुर ने बताया कि कई लंगर समितियों ने शिव भक्तों के लिए होली केव, महागुणस टाप, पोशपत्री, बब्लटाप व पंचतरणी में लंगर लगाया है। उन्हें बर्फ के कारण परेशानी हो रही है।
लंगर समितियों के कारीगर और सेवादार बीमार हो रहे हैं। इससे कामकाज प्रभावित हो रहा है।
सब्सिडी पर जेएंडके सरकार नहीं दे रही राशन
लंगर समितियों को जेएंडके सरकार सब्सिडी पर राशन नहीं दे रही है। श्रीनगर में लंगर समितियों को एक लीटर केरोसिन 72 रुपये का मिल रहा है जबकि सब्सिडी पर केरोसिन 16 रुपये लीटर है।
इसी तरह आटा, चीनी, दाल और अन्य वस्तुएं भी लंगर समितियों को महंगे दामों पर खरीदनी पड़ रही है। केंद्र सरकार की ओर से भी लंगर समितियों को सब्सिडी दिलवाने के प्रयास नहीं किए गए हैं।