प्रेमलता को आप में शामिल करते चंडीगढ़ के आप प्रभारी जरनैल सिंह।
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चंडीगढ़। नगर निगम चुनाव से पहले कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। सचिव प्रेमलता ने सोमवार को अपने साथियों के साथ आम आदमी पार्टी (आप) की सदस्यता ले ली। दिल्ली के विधायक और चंडीगढ़ प्रभारी जरनैल सिंह ने सभी को आप की सदस्यता दी। जरनैल सिंह ने कहा कि चंडीगढ़ को कांग्रेस और भाजपा मुक्त बनाने का समय आ गया है।
नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीति गर्माने लगी है। दल बदल का सियासी खेल भी अब तेज हो गया है। अब तक टिकट का कयास लगाने वाले कार्यकर्ता नेताओं के मूड को भांपकर दूसरी पार्टियों की ओर रुख करने लगे हैं। पिछले 15 सालों से कांग्रेस के साथ जुड़ी प्रेमलता ने सोमवार को पार्टी छोड़ दी। उनके साथ कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष हरप्रीत उप्पल, उपाध्यक्ष इष्पिंदर सिंह, जगतार सिंह, प्रीतपाल कौर, पुलकित सिंह और सचिव करणवीर सिंह ने भी आप का दामन थामा। जरनैल सिंह ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस के वादे सिर्फ घोषणा पत्रों तक सीमित रह गए। धरातल पर कोई विकास कार्य नहीं हुआ। वहीं अपने कार्यकर्ताओं की अनदेखी की। यही कारण है कि कर्मठ कार्यकर्ताओं ने आप से जुड़ने का मन बनाया है। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष प्रेम गर्ग, चंडीगढ़ के सह प्रभारी प्रदीप छाबड़ा, चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष चंद्रमुखी शर्मा और महासचिव विजयपाल सिंह उपस्थित रहे।
तत्काल टिकट का फैसला पार्टी की नीति में नहीं- चावला
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चावला ने कहा कि प्रेमलता नगर निगम चुनाव को लेकर तत्काल फैसला करना चाहतीं थीं। पार्टी की नीति में यह संभव नहीं है। उन्हें किसी से आपत्ति थी तो शिकायत देतीं। उसे हाईकमान के सामने रखा जाता। हाईकमान से इस मामले में कोई निराकरण निकाला जाता, लेकिन तत्काल निराकरण किसी भी समस्या का समाधान नहीं होता है। पार्टी आज भी उनका पूरा सम्मान करती है।