12 स्थानों में पानी के नमूनों में क्लोरीन नहीं मिला
कैग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि 25 में से 12 स्थानों में पानी के नमूनों में क्लोरीन नहीं मिला है। कुछ जगहों पर क्लोरीन की मात्रा ज्यादा पाई गई है, वहीं, कुछ जगहों पर तय मात्रा से कम पाई गई है।
वहीं, जल पंप संचालकों व जेई की बड़ी लापरवाही सामने आई है। कई जगह क्लोरीन संबंधी कोई रिकॉर्ड नहीं रखा गया था। इससे पता चलता है कि अधिकारी पेयजल की शुद्धता को लेकर जागरूक नहीं है।
पानी के 18104 नमूने फेल
कैग की रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2016 से मार्च 2021 की अवधि के दौरान 2,64,025 पानी के नमूनों का परीक्षण किया गया। इनमें से 18,104 नमूने (6.86 प्रतिशत) मानकों पर खरे नहीं उतरे।
वहीं, अगस्त 2021 से मई 2022 तक यह रिकॉर्ड नहीं मिला है। इसके तहत यह पता लगाया जा सके कि जिन-जिन क्षेत्रों में पानी के नमूने लिए गए थे, वहां शुद्ध पेयजल को सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए गए।
वाटर टैंक में मिले शैवाल व मेंढक
जांच के दौरान वाटर टैंक में शैवाल व मेंढक मिले हैं। कटेसरा में सीडब्ल्यूटी के अंदर शैवाल के समूह थे, वहीं साहू के सीडब्ल्यूटी में मेंढक थे। कुछ टैंकों की सफाई संतोष जनक नहीं थी।