ग्रुप में शामिल होने के लिए 1500 से 2 हजार रुपये तक खर्च करने होते हैं। अमर उजाला रिपोर्टर ने 15 दिन तक गिरोह के गुर्गों द्वारा चलाए जा रहे ग्रुप में शामिल होकर स्टिंग किया तो पूरे मामले का खुलासा हो गया। वहीं, इस प्रकरण में हरियाणा के परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार का कहना है कि गिरोह के बारे में जानकारी नहीं है।
मामला गंभीर है। जांच कराकर इसका पूरी तरह से भंडाफोड़ किया जाएगा। जबकि यूपी के ट्रांसपोर्ट कमिश्नर धीरज शाहू ने कहा कि गिरोह के गुर्गों के साथ - साथ जांच कराई जाएगी कि कहीं विभाग के कर्मचारी तो गिरोह से नहीं मिले है। इसके अलावा दिल्ली के ट्रांसपोर्ट प्रधान सचिव विजय कुमार से भी बात करने का प्रयास किया गया मगर बात नहीं हो सकी।
व्हाट्सएप ग्रुपों में आरटीए, एसडीएम और अन्य अधिकारियों की लोकेशन डालने वाले गिरोह के बारे में जानकारी नहीं है। मामला गंभीर है। जांच कराकर गिरोह का पूरी तरह से भंडाफोड़ किया जाएगा। - श्रीकृष्ण लाल पंवार, परिवहन मंत्री, हरियाणा
अधिकारियों की लोकेशन व्हाट्सएप ग्रुप में डालने का मामला गंभीर है। गिरोह के गुर्गों के साथ-साथ जांच कराई जाएगी कि कहीं विभाग के कर्मचारी तो गिरोह से नहीं मिले है। जांच कराकर कार्रवाई होगी। - धीरज शाहू, ट्रांसपोर्ट कमिश्नर, उत्तर प्रदेश