शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह संधू।
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शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह संधू की हत्या कांट्रैक्ट किलिंग थी। नकली पासपोर्ट पर दुबई गए गैंगस्टर सुख भिखारीवाल ने गुरजीत सिंह और सुखदीप सिंह से शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह संधू की हत्या करने लिए तीन लाख रुपये में सौदा किया था। इसमें से एक लाख 20 हजार रुपये किसी करीबी के माध्यम से मुहैया करा दिए थे।
भिखारीवाल ने हत्या करने के आरोपियों को बताया था कि बलविंदर सिंह मामूली आदमी है। दोनों आरोपियों ने शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह संधू को आम आदमी समझ उनकी हत्या कर दी।
16 अक्तूबर को बलविंदर सिंह संधू की हत्या के बाद लुधियाना पहुंचे दोनों शूटरों को पता चला कि जिसे वह निशाना बना चुके है, वह कोई आम आदमी नहीं, बल्कि शौर्य चक्र विजेता था। दिल्ली पुलिस की ओर से पकड़े गए आरोपी गुरजीत सिंह व सुखदीप सिंह ने पुलिस की पूछताछ में यह बात स्वीकार की है। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
एसएसपी ध्रुमन एच निंबाले ने बताया कि दोनों को प्रोडक्शन वारंट पर पंजाब लाने के लिए स्थानीय पुलिस ने मंगलवार को अदालत में अर्जी दी थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया है। एसपी रैंक के अधिकारी की अगुवाई में तीन सदस्यों की टीम जल्द ही दिल्ली रवाना होगी। दोनों को तरनतारन लाया जाएगा। यहां दोनों से पूछताछ की जाएगी।
आरोपियों ने भिखारीवाल को फोन कर जताई थी नाराजगी
पुलिस सूत्रों के अनुसार भिखारीवाल के कहने पर आरोपियों ने पहले हत्या की है। जब उन्हें पता चला कि उन्होंने शौर्य चक्र विजेता की हत्या की है तो गुरजीत सिंह ने सुख भिखारीवाल को फोन कर नाराजगी जाहिर की थी।
उल्लेखनीय है कि आतंकवाद के दौरान आतंकवादियों से लोहा लेने वाले शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह संधू की 16 अक्तूबर की सुबह उनके घर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गुरजीत सिंह व सुखदीप सिंह को हाल ही में दिल्ली पुलिस की टीम ने हिजबुल मुजाहिद्दीन के तीन आतंकियों के साथ गिरफ्तार किया था।