अमृतपाल सिंह व उसके साथियों को वकील से न मिलने देने की शिकायत के साथ दाखिल याचिकाओं का पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुवार को निपटारा कर दिया। हाईकोर्ट ने इन्हें आदेश दिया है कि वे सभी अपने वकील का नाम संबंधित अथॉरिटी को देंगे और अथॉरिटी उनको वकील से मिलने की इजाजत देगी।
हाईकोर्ट में चार अलग-अलग याचिकाएं दाखिल करते हुए बताया गया था कि उन्हें उनके वकीलों से नहीं मिलने दिया जा रहा है। वह उनके खिलाफ की जा रही नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) की कार्रवाई को चुनौती देना चाहते हैं लेकिन वकील से न मिल पाने के कारण ऐसा नहीं कर पा रहे हैं। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने कहा कि वकील से मिलने की मांग अमृतपाल सिंह और उसके साथियों की तरफ से नहीं आई है। यह मांग वकील की तरफ से की गई थी। जिस किसी ने भी अपने वकील का नाम लिख कर सरकार से इजाजत मांगी, उसे इसकी मंजूरी दे दी गई है।
इस मामले में एडवोकेट नवकिरण सिंह ने कहा था कि उसे अमृतपाल सिंह और अन्य के साथ मिलने की इजाजत नहीं दी जा रही है। इसी के खिलाफ हाईकोर्ट में अमृतपाल सिंह सहित उनके चाचा हरजीत सिंह, वरिंदर फौजी और दलजीत कलसी ने याचिका दाखिल की थी। हाईकोर्ट ने आज इन चारों की याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि अमृतपाल सिंह व उसके साथी खुद वकील का नाम लिख कर इजाजत मांगें तभी उनको वकील से मिलने की अनुमति दी जाएगी।
अमृतपाल सिंह सहित उनके 10 साथी इस समय डिब्रूगढ़ जेल में हैं। इन सभी पर एनएसए लगा है। इनमें से गुरमीत सिंह बुक्कनवाला, कुलवंत सिंह रायोके, भगवंत सिंह, बसंत सिंह पहले ही अपने खिलाफ लगाए एनएसए को चुनौती दे चुके हैं। गूरी औजला ने अमृतसर के डीसी के खिलाफ अवमानना की याचिका दाखिल कर दी है, जिस पर हाईकोर्ट अमृतसर के डीसी को नोटिस जारी कर चुका है।