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आंगनबाड़ी वर्करों-हेल्परों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब मिलेगी नौकरी

Mon, 20 Mar 2017 09:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
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हरियाणा में आंगनबाड़ी वर्करों-हेल्परों के लिए बड़ी खुशखबरी है। पिछले कई सालों से अटके पड़े भर्ती प्रक्रिया पर हाईकोर्ट ने राहत दी है। हरियाणा में आंगनबाड़ी वर्करों के 427 और हेल्परों के 300 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है।
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इस मामले में अड़चन भर्ती प्रक्रिया रद्द करने के सरकारी फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से आवेदकों को राहत देने के कारण दूर हुई है। अदालत ने कहा है कि चयन कमेटी की गलती का खामियाजा आवेदक क्यों भुगतें। कमेटी की चूक या अन्य कारणों से अंकों की कटिंग के चलते पूरी भर्ती को रोकना सही नहीं है।

हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिए हैं कि नए सिरे से इंटरव्यू और दस्तावेजों की स्क्रूटनी की जाए और जो भी योग्य पाए जाते हैं उन्हें कंसीडर किया जाए। हाईकोर्ट के आदेशों के अनुरूप जिन लोगों ने साल 2010 में आवेदन किया था, उन सभी को भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। भले ही वे पूर्व में चयनित हुए थे या नहीं।
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दोबारा होगा इंटरव्यू और फिर से होगी अंकों की गणना

highcourt
याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट अरविंद सेठ ने दलील देते हुए कहा कि हरियाणा सरकार ने साल 2010 में आंगनबाड़ी वर्करों-हेल्परों के 427 और 300 पद विज्ञापित किए थे। सितंबर महीने से लेकर नवंबर तक विज्ञापित पदों के लिए इंटरव्यू प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई।

इसके बाद अचानक हरियाणा सरकार ने इन पदों को न भरने का फैसला लिया। हाईकोर्ट को याची ने बताया कि वह पूरी तरह से योग्य हैं और ऐसे में उन्हें नियुक्ति दी जानी चाहिए। वह नए सिरे से इंटरव्यू के लिए भी तैयार है। याचिका पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार से जवाब मांगा था।

हरियाणा सरकार ने कहा कि सरकार चाहती है कि यह पद भरे जाएं। सरकार हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया पूरी करने को तैयार हैं। हाईकोर्ट में बताया गया था कि नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान कई अनियमितताएं पाई गई थीं। कुछ मामलों में अंकों में कटिंग थी तथा कुछ मामलों में अन्य खामियां पाई गई थीं। इसके चलते भर्ती को आगे न बढ़ाने का फैसला लिया गया।

हाईकोर्ट ने कहा कि अंकों की कटिंग व इस प्रकार की अन्य अनियमितताएं चयन कमेटी की गलती थी। ऐसे में आवेदकों को इसके लिए जिम्मेदार कैसे ठहराया जा सकता है। इस पर याची के वकील ने कहा कि यदि हरियाणा सरकार दोबारा अंकों की गणना करना चाहती है और फिर से इंटरव्यू करना चाहती है तो याची इसके लिए भी तैयार हैं।

इस पर हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को आदेश दिए कि वह नए सिरे से इंटरव्यू प्रक्रिया तथा दस्तावेजों की जांच पूरी करें। इस दौरान जो योग्य लोग योग्यता मानकों को पूरा करते हैं उनको नियुक्ति के लिए कंसीडर करें। हाईकोर्ट के इन आदेशों के चलते आवेदन करने वाले सैकड़ों आवेदकों को बड़ी राहत मिली है।
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