कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का आम आदमी पार्टी में जाना कांग्रेस को भारी पड़ गया। आम आदमी पार्टी में उनके समर्थकों में यादविंदर मेहता, प्रेमलता, दमनप्रीत बादल सहित कई अन्य नेता कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी में चले गए। इनमें प्रेमलता, यादविंदर मेहता की पत्नी तरुणा मेहता, दमनप्रीत सिंह बादल ने जीत दर्ज की।
केजरीवाल ने झूठ को सच के रूप में परोसा
केजरीवाल ने झूठ को सच के रूप में परोसा है। आप ने चुनाव में करोड़ों रुपये खर्च कर दिए। करोड़ों खर्च कर नगर निगम चुनाव को भ्रष्ट किया है। आम आदमी पार्टी ने शहर के लोगों को ऐसे सपने दिखाए, जो उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं। अब उन्हें कर के दिखाना होगा। लोग बदलाव चाहते थे। कांग्रेस का वोट शेयर बढ़ा है। सीटें भी चार से बढ़कर आठ हुई हैं। केजरीवाल का फैक्टर चला है। किसान आंदोलन का लाभ भी आम आदमी पार्टी को मिला है। लोगों ने कांग्रेस को नहीं भाजपा को हराया है। कांग्रेस दोनों पार्टियों आप और भाजपा का विरोध करेगी। कांग्रेस विपक्ष की भूमिका में रहेगी। भाजपा तोड़फोड में माहिर है। हमारे लोग कहीं जाने वाले नहीं हैं। -सुभाष चावला, चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
नगर निगम चुनाव में कांग्रेस सीटों में बेशक पीछे रही लेकिन वोट प्रतिशत में अव्वल रही है। कांग्रेस को 29.79 प्रतिशत मत मिले। वहीं, भाजपा को 29.30 प्रतिशत मत मिले, जबकि आम आदमी पार्टी को 27.08 प्रतिशत मत मिले। निर्दलीय को 7.10 व अन्य को 6.26 प्रतिशत मत मिले। साल 2016 के निगम चुनाव में भाजपा को 42.98, जबकि कांग्रेस को 33.57 प्रतिशत मत मिले थे। वहीं, आप चुनाव मैदान में नहीं थी।
पिछले चुनाव में दुबे को मिले थे साढ़े 9 हजार मत
आप की लहर का इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि साल 2016 के निगम चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अनिल दुबे लगभग साढ़े 9 हजार मतों से विजयी रहे थे। उस दौरान यह सबसे बड़ा जीत का अंतर था। इस बार उनकी पत्नी चुनाव में मैदान में है और उनकी जीत का अंतर 1795 वोट रहा है।
सबसे बड़ी जीत का अंतर हरप्रीत कौर बबला का रहा
वार्ड 10 से कांग्रेस प्रत्याशी हरप्रीत कौर बबला ने अपने प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी राशि भसीन को 3103 मतों से हराया। वहीं, सबसे कम अंतर से जीत वार्ड 34 से कांग्रेस प्रत्याशी गुरप्रीत सिंह की रही। उन्होंने भाजपा के भूपिंदर शर्मा को 9 मतों से हराया।
जीत नहीं, बस सीट है बड़ी
कुछ जीत चुनाव में ऐसी रहीं, जहां महज सीट का ही महत्व रह गया। इसमें वार्ड 2 से भाजपा प्रत्याशी महेश इंदर सिंह 11 मतों से जीते, वहीं वार्ड 3 से दिलीप शर्मा 90 मतों से जीते। वार्ड 4 से आप प्रत्याशी सुमन देवी 12 मतों से तो वार्ड 22 से अंजू कत्याल 76 मतों से जीतीं। वार्ड 34 में कांग्रेस प्रत्याशी गुरप्रीत सिंह मात्र 9 मतों से जीते।