स्वास्थ्य विभाग के कलेंडर में मई महीने में 31 की जगह 35 दिन होते हैं। जी हां, यह सच है। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एक बच्चे के प्रमाण पत्र में उसकी डेट ऑफ बर्थ 35 मई लिखी गई है। अब विभाग की इस कारगुजारी से बच्चे के परिजनों को परेशानी आ रही है।
जानकारी के अनुसार, गांव हाबड़ी निवासी हरदेव सिंह को कुछ दिन पहले अपने बेटे के जन्म प्रमाण-पत्र की जरूरत पड़ी तो उसने विभाग में जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया। आवेदन करने के बाद उसे पीएचसी हाबड़ी द्वारा जारी जो जन्म प्रमाण पत्र मिला उसे देखकर वह हैरान रह गया। क्योंकि उसमें उसके बेटे हरगोबिंद सिंह के जन्म की तिथि 35 मई 2001 अंकित की गई।
इस बारे में सामाजिक कार्यकर्ता रणदीप आर्य, बिजेंद्र राणा, सुरेश टांक, राजपाल बहादुर व कुलदीप धीमान ने कहा कि इस तरह की लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि आगे मिसाल बन सके।
गलती ठीक करवाने को काटने पड़ेंगे चक्कर: हरदेव
हरदेव सिंह ने बताया कि उसके पुत्र की जन्मतिथि 3 जून 2001 है। जबकि इसमें 35 मई लिखी गई है। वह मेहनत मजदूरी करके परिवार का गुजारा चला रहा है। उसे इस कार्य के लिए विभाग के पहले ही कई चक्कर काटने पड़े हैं। अब फिर से इस गलती को ठीक करवाने के लिए चक्कर काटने पड़ेंगे।
वह इस मामले में विभागीय कर्मचारियों की लिखित में शिकायत दर्ज करवाएगा। इस संबंध में पूंडरी अस्पताल के इंचार्ज डा. भटनागर का कहना है कि मैं इस बारे में बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हूं या तो हाबड़ी में रजिस्ट्रार या फिर जिलास्तर पर अधिकारी ही कुछ बता सकते हैं।