पैरामिलेट्री फोर्स में कार्यरत हरियाणा के सैनिकों के परिवारों को राहत देते हुए मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। उग्रवादी मुठभेड़ या सीमा पर शहीद सैनिकों के परिवारों को एक्सग्रेेशिया ग्रांट (अनुग्रह अनुदान) बढ़ाने को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में सामरिक क्षेत्र या उग्रवादी मुठभेड़ में मारे गए हरियाणा से संबंधित केंद्रीय अर्द्ध-सैनिक बलों के कर्मियों के पारिवारिक सदस्यों को अनुग्रह अनुदान प्रदान करने की नीति और दिशा-निर्देशों में संशोधन करने को स्वीकृति प्रदान की गई।
इससे पूर्व युद्घ और आंतकियों/उग्रवादियों के विरुद्घ कार्रवाई में मृत्यु हो जाने पर परिवार को 2.5 लाख का अनुग्रह अनुदान दिया जाता था, इसे बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है। इसी प्रकार आंतरिक सुरक्षा तथा सामरिक गतिविधियों के दौरान मृत्युहो जाने पर दो लाख रुपये की सहायता दी जाती थी, जिसे बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है।
बचान अभियान या चुनाव ड्यूटी में मृत्यु पर 20 लाख की सहायता
पहले बचाव अभियान अथवा चुनाव ड्यूटी के दौरान मृत्यु हो जाने पर कोई सहायता नहीं दी जाती थी। अब ऐसे मामलों में भी 20 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इससे पूर्व सभी पात्र कर्मियों को 75 प्रतिशत या इससे अधिक की विकलांगता पर एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती थी जो अब बढ़ाकर 15 लाख रुपये की गई है।
50 प्रतिशत से 74 प्रतिशतकी विकलांगता के मामले में कर्मियों को 75,000 रुपये की सहायता को बढ़ाकर 10 लाख रुपये तथा 25 प्रतिशत से 49 प्रतिशत तक की विकलांगता के मामले में सहायता राशि 50,000 से बढ़ाकर अब पांच लाख रुपये की गई है।