हरियाणा परिवहन विभाग ने चालकों-परिचालकों के बाद कर्मशाला कर्मचारियों को भी तगड़ा झटका दिया है। कर्मशाला कर्मचारियों के राजपत्रित अवकाश में बड़ी कटौती की गई है। अब उन्हें 31 की बजाए सालाना 8 राजपत्रित अवकाश ही मिलेंगे। चालक-परिचालक अपने राजपत्रित अवकाश कर्मशाला व कार्यालय स्टाफ के बराबर 31 करने की मांग कर रहे थे, जिसे भी पूरा नहीं किया गया है।
चालकों-परिचालकों को अब 3 की जगह 8 राजपत्रित अवकाश सालाना मिलेंगे। विभाग के इस निर्णय का हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी व हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने कड़ा विरोध किया है। यूनियन के के राज्य प्रधान इंद्र सिंह बधाना व प्रदेश महासचिव सरबत सिंह पूनिया ने कहा कि विभाग के महानिदेशक के पत्र अनुसार कर्मशाला कर्मचारियों को मात्र 8 अवकाश मिलेंगे।
ये उनके अधिकारों पर हमला है। यूनियन लंबे समय से मांग कर रही थी कि चालक व परिचालकों के राजपत्रित अवकाश सर्विस रुल्स अनुसार बढ़ाकर कार्यालय व कर्मशाला स्टाफ के बराबर किए जाएं। मगर हुआ उल्टा, सरकार ने कर्मशाला कर्मियों के राजपत्रित अवकाश ही कम कर दिए। चालक व परिचालकों के राजपत्रित अवकाश केवल पांच बढ़ाकर भद्दा मजाक किया है।
इसे कर्मचारी किसी भी सूरत में सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सर्विस रुल्स 1964 व 1995 एवं फैक्ट्री एक्ट के अनुसार राजपत्रित अवकाश कम नहीं किए जा सकते। बधाना व पूनिया ने कहा कि परिवहन विभाग अपने निर्णय को तुरंत प्रभाव से बदले, अन्यथा यूनियन को आंदोलन पर विवश होना पड़ेगा।