प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर बादल और दलजीत सिंह चीमा।
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अकाली दल दोहरे संविधान मामले में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल और पूर्व मंत्री दलजीत सिंह चीमा को बड़ा झटका देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने होशियारपुर जिला अदालत द्वारा इन्हें जारी समन के आदेश को रद्द करने से इनकार कर दिया है।
बलवंत सिंह खेड़ा ने होशियारपुर जिला अदालत में 2009 में अकाली दल के दोहरे संविधान के खिलाफ शिकायत दी थी। होशियारपुर जिला अदालत ने 4 नवंबर, 2019 को प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर बादल और दलजीत सिंह चीमा को समन जारी कर पेश होने का आदेश दिया था।
तीनों ने समन आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा था कि शिकायतकर्ता ने इससे पहले 2007 में सुप्रीम कोर्ट में शिकायत दर्ज करवाई थी, जो खारिज कर दी गई। इसके बाद फिर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की वह भी खारिज हो गई। इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी गई जो अभी भी विचाराधीन है। इन सभी तथ्यों को छिपाकर शिकायतकर्ता ने अब होशियारपुर जिला अदालत से याचिकाकर्ताओं के खिलाफ समन के आदेश जारी करवा दिए हैं, जोकि पूरी तरह से गलत हैं।
हाईकोर्ट ने दिसंबर 2019 को याचिका पर सुनवाई करते हुए तीनों के खिलाफ होशियारपुर जिला अदालत द्वारा जारी समन के आदेश पर रोक लगाते हुए शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया था। अब हाईकोर्ट से इस याचिका के खारिज हो जाने के चलते होशियारपुर जिला अदालत द्वारा इन तीनों के खिलाफ समन के आदेश पर लगी रोक को भी हाईकोर्ट ने हटा दिया है। हाईकोर्ट ने केस को जारी रखने और केस में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को छोड़ अन्य दोनों को सुनवाई में पेश होने का आदेश दिया है।