यहां गौरतलब है कि पावरकाम ने एफसीए सरचार्ज बिजली बिलों में मई 2015 से लगाया था। यह सरचार्ज कोयले की कीमतों और बिजली खरीद के रेटों में बढ़ोतरी के मद्देनजर लागू किया था। ताकि ये बढ़े रेट उपभोक्ताओं से वसूले जा सकें। कैप्टन सरकार अब तक के अपने कार्यकाल में कई बार बिजली दरों में इजाफा कर चुकी है, जिससे लोगों में काफी रोष है।
बिजली के बढ़े बिलों से लोगों की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। जबकि पड़ोसी राज्यों में पंजाब की तुलना में बिजली सस्ती है। पावरकॉम के मुताबिक एक अप्रैल 2019 से 30 जून 2019 तक यानी तीन महीने के बिल मीटर लगे लोगों से पांच पैसे प्रति यूनिट की दर से सरचार्ज 31 दिसंबर 2019 तक वसूले जाएंगे। जुलाई माह से आगे का सरचार्ज अगले वर्ष वसूला जाएगा।