प्रदेश पर 44,51,368 का कर्ज
सरकार द्वारा बजट में कुल कर्ज 3,17,982 करोड़ रुपए दिखाया गया है, जबकि सच्चाई यह है कि आज प्रदेश पर कुल 4,51,368 करोड़ रुपए (आंतरिक कर्ज- 3,17,982, स्मॉल सेविंग- 44000, बॉर्ड व कॉरपोरेशन- 43,955, बकाया बिजली बिल व सब्सिडी- 46,193) का कर्जा हो चुका है। प्रदेश पर जीएसडीपी का 41.2 प्रतिशत कर्जा हो गया है, जो कि 33% की मानक सीमा से कहीं अधिक है।
2024-25 के लिए भी सरकार ने 67,163 करोड़ रुपये लोन लेने का प्रावधान किया है जबकि पिछले लोन और उसके ब्याज का भुगतान करने पर ही 64,280 करोड़ रुपया खर्च हो जाएगा। यह नए कर्ज की 95.7 प्रतिशत राशि है। यानी पुराने लोन की किश्त देने के लिए सरकार नया कर्जा ले रही है। नेता प्रतिपक्ष ने बजट में किसानों की कर्जमाफी की मांग उठाई लेकिन सरकार ने कर्जमाफी से साफ इंकार कर दिया।
हुड्डा ने दावा किया कि कृषि के बजट में 0.28% की कटौती की गई, इसे 11.80 से घटाकर 11.52% किया गया है। इसी तरह परिवहन, सिविल एविएशन और सड़कों के बजट में 0.14%, ग्रामीण विकास और पंचायत के बजट में 0.9%, शिक्षा के बजट में 0.3%, जनस्वास्थ्य विभाग के बजट में 0.21%, प्रशासकीय सेवाओं के बजट में भी 1.38% की कटौती की गई है।