जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए उपद्रव और हालतों को जानने के लिए झज्जर और रोहतक आ रहे पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को प्रशासन ने वापस लौटा दिया। जिला प्रशासन की नोटिस पर बहादुरगढ़ एसडीएम और डीएसपी ने उन्हें टिकरी बॉर्डर से आगे नहीं बढ़ने दिया।
अधिकारियों ने पूर्व सीएम और उनके कार्यकर्ताओं को रोकते हुए सुरक्षा का हवाला देकर झज्जर और रोहतक जिला प्रशासन के नोटिस को देते हुए वापस जाने की अपील की। इसके बाद पूर्व सीएम कार्यकर्ताओं सहित दिल्ली लौट गए। सोमवार को प्रदेश के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा दिल्ली से झज्जर और रोहतक का दौरा करने निकले थे।
टिकरी बॉर्डर पहुंचते ही बहादुरगढ़ एसडीओ और डीएसपी ने पूर्व सीएम और उनके साथ आ रहे कार्यकर्ताओं के वाहनों को रोक दिया गया। यहां एसडीएम ने रोहतक और झज्जर प्रशासन द्वारा जारी किए गए नोटिस को दिया और दौरा नहीं करने के लिए कहा। पूर्व सीएम केपीएसओ सतीश ने बताया कि टिकरी बॉर्डर पर पहुंचते ही पूर्व सीएम को रोक दिया गया।
यह लिखा नोटिस में
झज्जर डीसी की ओर से जारी नोटिस में कहा किया गया है कि जिले में काफी तनाव का महौल है। ऐसे में सुरक्षा के नजरिये से जिला झज्जर में आना ठीक नहीं है। निवेदन है कि इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आज झज्जर जिले का दौरा रद करें।
ऐसा ही नोटिस रोहतक प्रशासन की ओर से भी जारी किया गया। बताया जाता है कि पूर्व सीएम ने अधिकारियों को समझाने का प्रयास भी किया लेकिन, खतरे का हवाला देकर अधिकारियों ने उन्हें लौटा दिया।