हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि कांग्रेस को पूर्णकालिक अध्यक्ष की जरूरत है। उन्होंने पंजाब में पार्टी की स्थिति पर चिंता जताई। पूर्व सीएम के अनुसार पंजाब की स्थिति को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था। नेताओं का पार्टी को लगातार छोड़ना ठीक नहीं है।
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हुड्डा नई दिल्ली में निजी चैनल से बात कर रहे थे। उन्होंने कपिल सिब्बल के घर पर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए। पार्टी के वरिष्ठ नेता के घर के बाहर युकां कार्यकर्ताओं का नारेबाजी करना उचित नहीं है। कांग्रेस नेतृत्व को सभी मामलों पर मंथन करना चाहिए। पार्टी का कमजोर होना राष्ट्रीय हित में नहीं है। वरिष्ठ नेताओं का मोहभंग क्यों हो रहा है, पार्टी को इस पर मंथन करना चाहिए। चीजों का समाधान निकालने की कोशिश होनी चाहिए। अमरिंदर सिंह का पार्टी छोड़ने का फैसला निजी है।
पार्टी में कोई अध्यक्ष नहीं, फैसले कौन ले रहा: सिब्बल
कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद कपिल सिब्बल ने प्रेसवार्ता की थी। उन्होंने कहा था कि 'एक बात तो स्पष्ट है कि हम 'जी हुजूर 23' नहीं हैं। हम अपनी बातें रखते जाएंगे और मांगें दोहराएंगे। अभी पार्टी में कोई अध्यक्ष नहीं है। हमें नहीं पता कि फैसले कौन ले रहा है।' कपिल सिब्बल कांग्रेस के 23 नेताओं के समूह का हिस्सा हैं। यह समूह कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की मांग उठा चुका है। इन नेताओं ने इस विषय में सोनिया गांधी को एक खत भी लिखा था।
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प्रेसवार्ता के दौरान सिब्बल ने कहा था कि हमारे लोग हमें छोड़कर जा रहे हैं। सुष्मिता देव चलीं गईं। अभी गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री छोड़कर चले गए। उनके साथ कई और लोग छोड़कर चले गए। जितिन प्रसाद जी को मंत्रालय मिल गया। सिंधिया जी पहले ही चले गए थे। अभिजीत बनर्जी, ललितेश त्रिपाठी, केरल में पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुधीरन चले गए। सवाल उठता यह है कि ये नेता क्यों छोड़कर जा रहे हैं? हम उनकी निंदा भी कर सकते हैं लेकिन हमें खुद से पूछना होगा। शायद हमारी भी गलती रही हो। अभी पार्टी में कोई अध्यक्ष नहीं है। हमें नहीं पता कि फैसले कौन ले रहा है।