शुक्रवार को उन्होंने यह कहकर पार्टी कि मुश्किलें और बढ़ा दी हैं कि वह अंतरात्मा की आवाज पर वोट करेंगे और अन्य विधायकों को भी कहेंगे। इससे कांग्रेस के लिए राह आसान नहीं मानी जा रही। विधायकों की खरीद-फरोख्त न हो और कोई विधायक न टूटे, इसलिए उन्हें रायपुर ले जाया गया है।
किरण भी नहीं जाएंगी, हुड्डा-चिरंजीव भी पहुंचेंगे
कुलदीप के बाद किरण चौधरी भी रायपुर नहीं जाएंगी। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा व विधायक चिरंजीव राव पांच जून तक रायपुर पहुंच जाएंगे। कांग्रेस हाईकमान ने नौ जून तक हरियाणा के विधायकों के लिए उदयपुर चिंतन शिविर की तरह रायपुर में चिंतन व प्रशिक्षण शिविर शुरू करने के निर्देश दिए हैं। यह एक-दो दिन में शुरू हो जाएगा। इसमें विधायकों की वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों से पार पाने के टिप्स दिए जाएंगे।
फोन नहीं उठा रहे विधायक, कॉल डायवर्ट
रायपुर में मौजूद विधायक अब किसी का फोन नहीं उठा रहे। साथ गए अन्य नेताओं ने भी फोन कॉल रिसीव करना बंद कर दिया है। अनेक विधायकों ने अपनी कॉल को पीए और दूसरे नंबरों पर डायवर्ट कर दिया है।
किसी ने वापस नहीं लिया नाम, होगी टक्कर
शुक्रवार को राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवारों की नाम वापसी का अंतिम दिन था। निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा ने भी पर्चा वापस नहीं लिया। इसलिए अब भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवार दो सीटों के लिए लड़ेंगे। भाजपा के पास 40 विधायक हैं, ऐसे में उनके प्रत्याशी की जीत तय है। सूची में उनका पहला नाम है, इसलिए 31 वोट पड़ते ही वह जीत जाएंगे।
दूसरे स्थान के लिए कांग्रेस और निर्दलीय में टक्कर है। कांग्रेस में भितरघात नहीं हुआ तो माकन 30 वोट के साथ भी जीत जाएंगे, कांग्रेस के 31 विधायक हैं। हुड्डा भी अपने संबंधों का फायदा उठाते हुए माकन के लिए समर्थन जुटा रहे हैं, जबकि कार्तिकेय के लिए उनके पिता विनोद शर्मा के अलावा भाजपा नेता और उनके सगे-संबंधी लगे हुए हैं।
राज्यसभा चुनाव हारेगी कांग्रेस: दिग्विजय
जननायक जनता पार्टी (जजपी) के प्रधान महासचिव दिग्विजय चौटाला ने नगर निकाय चुनाव को बीजेपी-जेजेपी गठबंधन द्वारा मिलकर लड़ने के फैसले को प्रदेश की प्रगति की गति को बढ़ाने का निर्णय बताया है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राहुल गांधी की तरह हरियाणा में कांग्रेस विधायक प्रदेश को छोड़कर लंबी छुट्टियां बिताने में व्यस्त हैं। कांग्रेस राज्यसभा चुनाव हार रही है।
दिग्विजय चौटाला ने कहा कि जेजेपी पहले दिन से ही गठबंधन की मजबूती की पक्षधर रही है और हमारी तरफ से गठबंधन में निकाय चुनाव लड़ने का पहले से ही स्पष्ट था। चौटाला ने कहा कि इस बीच कांग्रेस द्वारा बिना चिन्ह के चुनाव लड़ने के कारण हालात, समीकरण बदले और इसकी वजह से चुनाव में बीजेपी और जेजेपी आमने-सामने हो रही थी।
सरकार में हिस्सेदार पार्टियां जब चुनाव में आमने-सामने खड़ी नजर आएं तो वह प्रदेश के लिए अच्छे संदेश नहीं होते। दिग्विजय ने कहा कि इस चुनाव में कांग्रेस की हार निश्चित है और कांग्रेस यह चुनाव चार या पांच वोट से हारेगी। उन्होंने दावा किया कि यहां तक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा के पक्ष में मतदान करेंगे।