-पंजाब प्रॉपर्टी डीलरों पर मारे छापे में मिले कई कंपनियों से लेनदेन के दस्तावेज
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राज्य ब्यूरो
चंडीगढ़। रोपड़ रेंज के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सीबीआई ने बीते दिनों पंजाब में पटियाला, लुधियाना और जालंधर में पांच जगहों पर जो छापे मारे थे उसमें कई दस्तावेज बरामद हुए हैं। इससे भुल्लर की बेनामी संपत्तियों के राज खुलना शुरू हो गए हैं।
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि पटियाला बीएच प्रॉपर्टी के मालिक भूपिंदर सिंह और लुधियाना के प्रॉपर्टी डीलरों सिंगला के घर से 50 संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए हैं। उसी कड़ी में एक कंपनी का खुलासा हुआ है। इन प्रॉपर्टी डीलरों ने एक कंपनी बनाई थी जिसमें पैसों के लेनदेन के जरिये आय से अधिक संपत्ति बनाने की सबूत मिले हैं। सीबीआई इस कंपनी में हुए पैसों के लेनदेन की जांच कर रही है। सीबीआई के सूत्रों के अनुसार इन कंपनियों में कई लोगों के बीच पैसों का लेनदेन हुआ है।
सीबीआई ने इस दिशा में जांच तेज कर दी है कि निलंबित डीआईजी भुल्लर कहीं अपने रिश्वतखोरी के पैसों को इन प्रॉपर्टी डीलरों की कंपनी में सीधे उन्हीं लोगों से भिजवाकर कहीं बेनामी संपत्तियां बनाने के गठजोड़ में तो शामिल नहीं थे। बीएच प्रॉपर्टी के मालिक भूपिंदर सिंह और लुधियाना के सिंगल प्रॉपर्टी डीलर से सीबीआई ने समन कर पूछताछ शुरू कर दी है। कंपनी में हुए ट्रांजेक्शन और जो अन्य दस्तावेज मिले हैं अब उन्हें लेकर पूछताछ शुरू हो गई है ताकि यह पता चला कि ये बैनामा सही हैं या फिर लोगों के पहचान पत्र, नाम, फोटो और उनके पैसों के लेनदेन को दिखाकर बेनामी संपत्तियां तैयार की जा रही थीं।
कई ईओआई
लेटर मिले
प्रॉपर्टी डीलरों के यहां छापे के दौरान सीबीआई को कई एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। ये इओआई यानी रुचि की अभिव्यक्ति से जड़े दस्तावेज कई बिल्डिंग और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स से जुड़े हैं। इनमें ईओआई में शेयर सर्टिफिकेट, प्रोजेक्ट में हिस्सेदारी, पैसों के निवेश व अन्य चीजों को लेकर एंट्री की गई है। सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि इस रिश्वतकांड में आय से अधिक संपत्ति की जो बात सामने आई है, उसके तहत इन कंपनियों, ईओआई और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स की जांच की जा रही है ताकि इन कंपनी के बैंक डिटेल्स लेकर उसमें आए पैसों के जरिये पता लगाया जा सके कि यह सही में उन्हीं लोगों की इन्वेस्टमेंट हैं या फिर बेनामी संपत्तियां अर्जित करने के लिए अनजान लोगों से एंट्री कराई गई है।