अबोहर के बहुचर्चित भीम टांक हत्याकांड में पूर्व सीएलपी लीडर सुनील जाखड़ का संघर्ष आखिर रंग लाया। परिवार को 10 लाख का मुआवजा दिया गया है। सीएम प्रकाश सिंह बादल ने भीम टांक के परिजनों को दस लाख रुपये मुआवजा और एक पारिवारिक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भरोसा दिया।
वहीं, इस मामले के दूसरे पीड़ित गुरजंट सिंह को सरकारी नौकरी देने और उसके इलाज का खर्च उठाने का आश्वासन दिया। वीरवार दोपहर बाद भीम टांक की माता कौशल्या देवी और परिजनों ने जाखड़ की अगुवाई में सीएम आवास का घेराव किया। इसमें कांग्रेस के कई विधायक भी शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने अबोहर हत्याकांड में आरोपियों को बचाने के आरोप लगाए और इंसाफ की मांग की। कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि पुलिस मुख्य आरोपी शिवलाल डोडा को बचाने में जुटी है। इसके बाद सीएम बादल ने पीड़ितों के परिजनों को भरोसा दिया कि उन्हें इंसाफ दिलाया जाएगा और उनकी मदद की जाएगी।
उन्होंने परिजनों और जाखड़ से विचार-विमर्श के बाद वहां की डिप्टी कमिश्नर ईशा कालिया को निर्देश दिए कि शुक्रवार सुबह भीम टांक के परिजनों के घर जाकर दस लाख रुपये की सहायता और सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र दें। साथ ही गुरजंट के इलाज के खर्च की रिपोर्ट भेजें ताकि सहायता राशि जारी की जा सके।
कौशल्या देवी ने सीएम से कहा कि मुख्य आरोपियों शिवलाल डोडा व अमित डोडा को सख्त से सख्त सजा दी जाए। शराब माफिया उन पर हर तरह से दबाव बना रहा है। सीएम ने पीड़ित परिवारों पर शराब माफिया द्वारा दर्ज झूठे परचे रद्द करवाने की मांग भी मान ली।