मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में एंबुलेंस वाहनों पर लागू टैक्स की दर में घटाकर बड़ा तोहफा दिया गया। बैठक में टैक्स की दर चार फीसदी की राहत देने का फैसला लिया। इसके साथ ही गांवों में विभिन्न स्थानों पर उपलब्ध सरकारी भूमि का प्रदेश के हित में उपयोग करने के उद्देश्य से चकबंदी के 1948 के अधिनियम में संशोधन को भी मंजूरी दे दी।
मंत्रिमंडल ने एंबुलेंस के रूप में काम कर रहे सभी तरह के वाहनों के लिए टैक्स की एकमुश्त दर को वाहन के मूल्य के छह फीसदी से घटाकर दो प्रतिशत के बराबर करने का निर्णय लिया। इस तरह एकमुश्त कर को चार प्रतिशत घटाए जाने से एंबुलेंस मालिकों पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ घटेगा और वे लोगों को बेहतर एंबुलेंस सेवाएं प्रदान कर सकेंगे। इसके अलावा ऐसे एंबुलेंस घायल रोगियों को नि:शुल्क परिवहन सेवा भी प्रदान करेंगे।
मंत्रिमंडल ने इसके साथ ही प्रदेश में वाणिज्यिक, औद्योगिक, संस्थागत या अन्य विकास कार्यों के लिए एक या एक से अधिक राजस्व संपदाओं या गांवों में विभिन्न स्थलों पर उपलब्ध सरकारी भूमि का प्रदेश के हित में बेहतर उपयोग करने के उद्देश्य से पूर्वी पंजाब जोत (चकबंदी एवं विखंडन निवारण) अधिनियम 1948 में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी। इसके तहत, भूमि जोत की अनिवार्य चकबंदी और कृषि जोत के विखंडन को रोकने और गांवों में सांझा उद्देश्यों के लिए भूमि आरक्षित करने का प्रावधान भी किया गया है।
संशोधन के बाद, अब चकबंदी अधिकारी संबंधित भूमि या संपदा में ग्राम सभा के परामर्श और संबंधित तहसीलदार या खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी की उपस्थिति में चकबंदी प्रारूप को निर्धारित ढंग से प्रकाशित करेगा। पूर्वी पंजाब जोत (चकबंदी एवं विखंडन निवारण) द्वितीय संशोधन एवं वैधता अधिनियम, 1962 के लागू होने से पहले या बाद में यदि कोई व्यक्ति निपटान अधिकारी (चकबंदी) द्वारा जारी आदेशों से असंतुष्ट है तो वह ऐसा आदेश जारी होने के 30 दिन के भीतर चकबंदी के सहायक निदेशक को लिखित में अपील कर सकता है।
इस अधिनियम के तहत अनुमोदित जोत चकबंदी की योजना को प्राधिकारी की ओर से किसी भी समय विविध या आंशिक रूप से रद्द किया जा सकता है। जोत चकबंदी की योजना के लिए गठित ग्राम समिति में कम से कम 11 सदस्य होंगे और इसमें ग्राम पंचायत के सभी सदस्य तथा भू-स्वामियों के प्रतिनिधि होंगे।