भारती किसान यूनियन (बीकेयू) और उग्राहां ने संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास के बाहर एक रैली का आयोजन किया। बढ़ी संख्या में किसानों ने रैली में हिस्सा लिया। किसानों ने बरसात से खराब हुई फसलों और लंपी त्वचा रोग के कारण गायों की मौत पर मुआवजा मांगा है।
यूनियन के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्राहां ने आरोप लगाया कि पांच दिन पहले भेजे गए पत्र को सरकार ने नजरअंदाज किया है। चार दिन पहले मोर्चे में सांप के काटने से जान गंवाने वाले किसान गुरचरण सिंह के वारिसों को 10 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को पक्की नौकरी के अलावा परिवार का कर्ज माफ करने की मांग पर भी चुप्पी साध रखी है।
किसानों ने चेतावनी दी कि अगर राज्य सरकार का रवैया नहीं बदला तो सड़कों पर जाम लगाया जाएगा। प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष झंडा सिंह जेठूके ने कहा कि ठोस सुझावों सहित पत्र में मांग की गई है कि पंजाब के हिस्से आए दरियाई पानी के इस्तेमाल संबंधी रोडमैप बना इसे तुरंत किसानों को मुहैया करवाया जाए।
27 जुलाई को लोकसभा में पेश की गई रिपोर्ट के विवरण सार्वजनिक किए जाएं। जीरा के नजदीक प्रदूषण का गढ़ बनी शराब फैक्टरी का प्रदूषण रोकने संबंधी जत्थेबंदी के साथ बनी सहमति मुताबिक इसे तुरंत बंद करवाया जाए। इसके अलावा पेयजल की सप्लाई के निजीकरण संबंधी पंजाब की पहले की सरकारों की ओर से विश्व बैंक के साथ किए समझौते रद्द करने सहित अन्य मांगों को पूरा किया जाए।