करनाल में असंध के जींद चौक, निसिंग के करनाल-कैथल रोड, जलमाना, तरावड़ी, घरौंडा आदि क्षेत्रों में भाकियू के नेतृत्व में किसानों ने हाइवे और सड़कों पर करीब दो से तीन घंटे तक जाम लगाया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं शहर के लघु सचिवालय में किसानों ने प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री का पुतला फूंका। किसानों के बंद का नीलोखेड़ी में भी व्यापक असर दिखा। यहां किसान नेताओं ने दुकानदारों को बंद में शामिल होने की अपील की, जिसके चलते करीबन सभी बाजार बंद रहे।
सड़कों पर ट्रैक्टर लेकर पहुंचे किसान, थानेसर, लाडवा, शाहाबाद, इस्माईलाबाद और बाबैन में लगाया जाम
भारत बंद के दौरान किसानों ने थानेसर, लाडवा, शाहाबाद, इस्माईलाबाद और बाबैन में सड़कों पर ट्रैक्टर खड़ा कर जाम लगाया। इसकी वजह से यातायात बाधित रहा, लेकिन ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिये इन्हें वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया। थानेसर शहर में केडीबी मार्ग पर उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और थानेसर के विधायक सुभाष सुधा के होर्डिंग बैनर उखाड़ कर इन्हें गंदे पानी के नाले में विसर्जित किया गया।
कुरुक्षेत्र शहर के बीआर इंटरनेशनल चौक, लाडवा में करनाल लाडवा रोड, बाबैन में स्टेट हाईवे नंबर-7,इस्माईलाबाद में नेशनल हाईवे, शाहाबाद में साहा-पंचकूला मार्ग पर जाम लगाया। आम आदमी पार्टी और अकाली दल के नेता समर्थन देने पहुंचे। अनाज मंडियां बंद रही। लाडवा में भाकियू मान गुट ने जाम लगाया और चढ़ुनी ग्रुप ने दुकानें बंद कराई। पिहोवा में आढ़तियों ने मंडी बंद रखी और किसानों ने दुकानें बंद कराई।
किसानों ने शुक्रवार को रादौर में कुरुक्षेत्र- सहारनपुर स्टेट हाईवे पर सांकेतिक जाम लगाया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसान आंदोलन के दौरान शहर की सभी मंडियां बंद रहीं। वहीं बाजार खुले रहे। उधर, क्षेत्र के किसानों ने सुढैल गांव के पास अंबाला सहारनपुर रेल लाइन पर ट्रैक पर बैठकर करीब पांच घंटे तक धरना दिया और अध्यादेश के विरोध में नारेबाजी की।
औद्योगिक नगरी पानीपत में फीका रहा बंद का असर
कृषि संबंधित तीन कानूनों के खिलाफ शुक्रवार को किसानों ने राष्ट्रव्यापी बंद किया, लेकिन पानीपत इसका असर न के बराबर रहा। हालांकि जिले की पांचों अनाज मंडियों में किसी प्रकार का कोई काम नहीं किया गया। सचिवालय के बाहर कई ट्रेड यूनियनों ने सरकार विरोधी नारे लगाकर धरना प्रदर्शन किया। बाजार खुले रहे और यातायात सामान्य रहा।
मतलौडा में किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली अड़ाकर जाम लगाने की कोशिश की, लेकिन महज सात मिनट ही रहा। उधर, किसान नेताओं ने कहा कि किसानों के समर्थन में किए गए भारत बंद में शहर के किसी भी व्यापारी नेता या मार्केट एसोसिएशन ने साथ नहीं दिया। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर जिले भर में पुलिस मुस्तैद रही। सुबह 10:00 से शाम 4:00 बजे तक बंद के बावजूद परेशानी पेश नहीं आई।
कैथल, सीवन, गुहला, पूंडरी में लगाया जाम
कैथल भर में तीन अध्यादेशों के विरोध में किसानों ने प्रदर्शन किया एवं कैथल, सीवन, गुहला, पूंडरी में जाम लगाकर कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की। किसानों के समर्थन में अनाज मंडियां भी बंद रहीं। किसान और आढ़तियों के आंदोलन को कई अन्य संगठनों ने भी समर्थन दिया। किसानों ने कैथल शहर में प्रदर्शन कर छोटू राम चौक पर करीब आधे घंटे तक जाम लगाकर सरकार का पुतला जलाया। अनाज मंडी कलायत में भी सीएम का पुतला फूंका गया। चीका में कैथल-पटियाला मार्ग पर चीका चौक में जाम लगाकर प्रदर्शन किया।