फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राष्ट्रव्यापी हड़ताल: हरियाणा में पहले दिन नहीं दिखा असर, हर रोज की तरह रवाना हुई बसें

Tue, 08 Jan 2019 10:30 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
हरियाणा रोडवेज की बसें
विज्ञापन

दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के पहले दिन मंगलवार को हरियाणा में रोडवेज, बिजली निगम, जन स्वास्थ्य, नगर निगमों, पालिकाओं, परिषदों, सिंचाई, स्वास्थ्य, हुडा, शिक्षा, लोक निर्माण, पशुपालन, महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्व, टूरिज्म, वन, आईटीआई, पंचायत विकास, कृषि सहित सभी बोर्डों, निगमों और विश्वविद्यालयों के कहीं पर आधे तो कहीं पर आधे से कम कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जबकि मारपीट और काम में बांधा डालने के आरोप में अंबाला व रोहतक से चार-चार रोडवेज कर्मचारी नेताओं सहित आठ को हिरासत में लिया गया है। 

विज्ञापन


उधर, सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान धर्मबीर फौगाट और महासचिव सुभाष लांबा ने दावा किया है कि प्रदेश में 10 लाख कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इसमें निजी कंपनियों के कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। जबकि शासन का दावा है कि हड़ताल का पहले दिन कोई असर नहीं रहा। सभी विभागों के कार्यालयों पर कामकाज सामान्य रूप से हुआ। 

कर्मचारी नेता सुभाष लांबा ने आरोप लगाया कि प्रदेश के सभी रोडवेज डिपो और सब डिपो को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था। अंबाला से हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष इंद्र सिंह बधाना सहित चार, रोहतक से चार सहित फरीदाबाद से कई कर्मचारी नेताओं को गिरफ्तार किया गया है।
विज्ञापन


अंबाला में सुबह रोडवेज कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बसों को रोकने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें समझाया तो उलझ पड़े। आरोप है कि इस दौरान कर्मचारियों ने बस निकाल रहे एक प्रशिक्षु चालक को पीट दिया। इस संबंध में पुलिस ने दो कर्मचारी नेताओं समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है। 

कुछ ऐसा है हड़ताल का असर

रोहतक में तड़के चार बजे डिपो वर्कशाप के गेट पर बस संचालन रोकने आए कर्मचारी नेता जोगेंद्र बल्हारा, सुमेर सिवाच, सत्यवीर मुंढाल और जयकुंवार दहिया को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद उनके साथियों ने बस स्टैंड के बाहर सांकेतिक नारेबाजी की। डिपो की सामान्य दिनों की तरह 178 बसें संचालित हुईं। बिजली निगम के करीब 35 फीसदी कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। बैंकों में हड़ताल का असर नहीं दिखा। 

फतेहाबाद में पक्के कर्मचारी हड़ताल पर, कच्चों ने काम संभाला
फतेहाबाद जिले में हड़ताल का ज्यादा असर नहीं देखा गया। हड़ताल के दौरान बंद रहने वाली रोडवेज बसें सड़कों पर खूब दौड़ीं। इस बार नए चालकों और परिचालकों ने हड़ताल में शामिल होने से इनकार कर दिया है। दूसरी ओर बिजली-जन स्वास्थ्य विभाग आदि में कच्चे कर्मचारियों ने काम प्रभावित नहीं होने दिया। हालांकि, पक्के कर्मचारी हड़ताल पर रहे और धरना देते रहे। नगर परिषद में सामान्य कर्मचारियों ने हड़ताल में हिस्सा नहीं लिया जबकि सभी सफाई कर्मचारी हड़ताल पर रहे। दमकल विभाग के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल हुए। 

जींद में कोई असर नहीं 
जींद में अधिकतर सेवाएं सामान्य रहीं। कुछ बैंकों को छोड़कर अन्य बैंक खुले रहे। रोडवेज में 878 में 92, जन स्वास्थ्य विभाग में 173 में से 28, बिजली निगम के 1573 में से 725 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। स्वास्थ्य विभाग में 876 में से छह कर्मचारी हड़ताल पर रहे। स्कूलों की छुट्टियां होने के चलते शिक्षा विभाग में हड़ताल का कोई असर नहीं रहा।

सोनीपत में मिलाजुला असर
सोनीपत में हड़ताल में करीब 1500 कर्मचारी शामिल हुए। फायर कर्मियों के हड़ताल पर जाने से रोडवेज के 14 कर्मचारी गाड़ियां चलाने के लिए बुलाए। सरकारी बैंकों की करीब 25 से ज्यादा शाखाओं में कर्मचारी हड़ताल पर रहे। बैंक खुले रहे, लेकिन कामकाज ठप रहा। नगर निगम के 215 सफाई कर्मचारी व बिजली निगम के 482 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए।

बिजली निगम के जेई ने काले बिल्ले लगाकर काम किया। आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ताओं समेत अन्य संगठनों ने जुलूस निकाला और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अधिकारियों का कहना है कि हड़ताल में शामिल होने वाले कर्मचारियों को एक दिन का वेतन काटा जाएगा। 

चरखी दादरी में सभी बसें चलीं 

चरखी दादरी में रोडवेज के परिचालक का अचानक निधन होने पर कर्मचारियों को रोष प्रदर्शन स्थगित करना पड़ा। सर्व कर्मचारी संघ और महासंघ से जुड़े 340 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। रोडवेज विभाग में 250 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। रोडवेज डिपो से तकरीबन सभी बसें चलीं। ऐसे में लोगों को हड़ताल की वजह से परेशानी नहीं हुई। 

सिरसा में सभी विभागों के आधे कर्मी हड़ताल पर रहे 
सिरसा में रोडवेज के 757 कर्मचारियों में से 65 कर्मी हड़ताल पर रहे। बिजली निगम के 1500 में से 669 कर्मी हड़ताल में शामिल रहे। लोक निर्माण विभाग के 643 में से 87 कर्मी हड़ताल पर रहे। दमकल विभाग के 94, डाक विभाग 27 और एलआईसी के 23 कर्मी हड़ताल पर रहे।

भिवानी में हड़ताल का नहीं दिखा ज्यादा असर
भिवानी में हड़ताल का ज्यादा असर बैंकों पर दिखाई दिया। यूको बैंक, ग्रामीण बैंक पूरी तरह बंद रहे तो ओरिएंटल बैंक, सिंडीकेट बैंक आदि में कामकाज प्रभावित हुआ। विभिन्न विभागों में कुल 11329 कर्मचारियों में से 969 गैर हाजिर रहे। अनुबंध के 3652 कर्मचारियों में से 205 गैरहाजिर रहे। लोहारू सब डिपो में दोपहर 12 बजे तक पूरी तरह चक्का जाम रहा। भिवानी डिपो के 53 कर्मचारी गैरहाजिर रहे। 

झज्जर में कामकाज पर नहीं पड़ा असर
बिजली निगम में जिला भर से 869 कर्मचारी हैं। इनमें से 354 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जबकि राजस्व विभाग में 112 पटवारियों में से करीब 85 पटवारी भी हड़ताल में शामिल रहे हैं। आशा वर्कर्स की संख्या भी काफी कम रही। करीब 850 आशा वर्कर्स में से 80 हड़ताल में शामिल रही। सिंचाई विभाग में 11 तो वन विभाग में मात्र दस कर्मचारी हड़ताल पर रहे। 

जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग और रोडवेज विभाग में चार-चार कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। वहीं, बहादुरगढ़ में कर्मचारियों ने हड़ताल की लेकिन पहले दिन की हड़ताल धरने-प्रदर्शन तक ही सीमित रही, विभागों में कामकाज पर कोई खास असर नहीं दिखा। इस दौरान सड़क पर उतरकर कर्मचारियों ने नारेबाजी की।
विज्ञापन

रेवाड़ी में कई विभागों में कामकाज ठप रहा

रेवाड़ी में एसबीआई को छोड़कर अन्य सरकारी बैंक और डाकघर बंद रहे। रोडवेज बसों का संचालन सुचारू रहने के कारण हड़ताल बेअसर रही। बिजली निगम, आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों ने हड़ताल में हिस्सा लिया। बिजली निगम में हड़ताल का सर्वाधिक असर नजर आया। रेवाड़ी सर्किल में 493 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताली कर्मचारियों ने धरना देकर विरोध जताया। 

कैथल में 1300 कर्मी हड़ताल पर रहे
कैथल में करीब पांच हजार में से 1100 नियमित और 446 में से अनुबंध आधार के 200 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए। बैंकों और बिजली विभाग में कामकाज पर असर दिखा। रोडवेज में हड़ताल का कोई असर नहीं रहा। अन्य विभागों में हड़ताल का आंशिक असर देखने को मिला। 

कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
रेवाड़ी जिले में ऑल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन और बैंक एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया से जुड़े पंजाब नेशनल बैंक, विजया बैंक, सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक, सिंडिकेट बैंक बंद रहे। भारतीय स्टेट बैंक की शाखाएं खुली रहीं। ट्रेड यूनियनों से जुड़ी आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, भट्टा मजदूर यूनियन, लाल झंडा यूनियन सहित अन्य यूनियनों के बैनर तले कर्मचारियों और श्रमिकों ने विरोध प्रदर्शन किया। 

हिसार में नहीं उठा कूड़ा
हिसार में हड़ताल का सबसे ज्यादा असर नगर निगम के कामकाज पर दिखाई दिया। हड़ताल की वजह से 150 मीट्रिक टन कूड़ा नहीं उठ सका। रोडवेज की केवल दो बसें नहीं चलीं। बिजली निगम 944, रोडवेज के 25, नगर निगम के 470 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। शहर के कई इलाकों में पेयजल सप्लाई दोपहर 12 बजे तक पहुंची। बिजली निगम का सिर्फ ऑफिशियल कामकाज बाधित हुआ।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें