याकूब की फांसी रुकवाने के लिए देश के नामी वकील आधी रात को कोर्ट पहुंचते हैं। सैकड़ों जान लेने वाले मुंबई धमाकों के गुनहगार की फांसी पर देश में सियासी बवंडर मचा है। भगत सिंह के पौत्र यादवेंद्र सिंह सिंधु ने इसे देशवासियों और शहीदों के लिए पीड़ा की बात बताया है।
उन्होंने सवाल उठाया है कि जब भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी जा रही थी तो महात्मा गांधी चुप रहे। अगर महात्मा गांधी सख्ती बरतते तो फांसी रुक सकती थी।
यादवेंद्र सिंह सिंधु ने कहते हैं कि आज एक आतंकी के लिए देश के कुछ बुद्धिजीवी और राजनेता दुख जता रहे हैं, यह अफसोस की बात है। सिंधु शुक्रवार को शहीद उधम सिंह के शहीदी दिवस पर रोहतक में हुए एक कार्यक्रम में पहुंचे थे।