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सावधान! अब से पानी बर्बाद किया तो कटेगा कनेक्शन

Mon, 21 Mar 2016 08:07 AM IST
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पानी - फोटो : demo pic
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नगर निगम के जनस्वास्थ्य विभाग ने 15 अप्रैल से शहर में गाड़ियां और धोने के साथ- साथ बागवानी में सिंचाई करने पर पाबंदी लगाने का निर्णय लिया है। ऐसे पीने के पानी की बर्बादी करने वालों का दो हजार रुपये का चालान काटने का निर्णय लिया है।
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इसके बावजूद फिर भी वह व्यक्ति (जिसका पहले चालान हो गया) पानी की बर्बादी करता हुआ पकड़ा जाता है तो फिर जुर्माने का नोटिस जारी करने के साथ ही पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार कनेक्शन काटने के लिए कोई अलग से नोटिस भी नहीं जारी किया जाएगा।

 निगम ने गरमी शुरू होने पर पानी की किल्लत को दूर करने के लिए यह निर्णय लिया है। पूरे शहर में सुबह सवेरे पानी की बर्बादी करने वालों पर नजर रखने के लिए नगर निगम की ओर से एक दर्जन से ज्यादा टीमों का गठन किया जा रहा है।
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इसमें शामिल अधिकारियों की अधिसूचना उसके मोबाइल फोन सहित अप्रैल के पहले सप्ताह में ही जारी कर दी जाएगी। इस बार चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद और सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर एनपी शर्मा के साथ- साथ कार्यकारी अभियंताओं को भी सुबह सवेरे चेकिंग करने की जिम्मेवारी दी जा रही है।

सबसे ज्यादा बर्बादी वीआईपी इलाकों में
जन स्वास्थ्य विभाग के अनुसारसबसे ज्यादा बागवानी में साफ पीने के पानी की बर्बादी वीआईपी इलाकों में होती है, क्योंकि वहां पर ही लोगों के बगीचे हैं। यहां पर लोग पाइप को खुला छोड़ देते हैं जिसमे से पानी बहता रहता है और ऊपर की मंजिलों में पानी का लो प्रेशर रहता है। शहर में जिन घरों की छतों की टंकियों से पानी बहता है उनका भी चालान काटा जाएगा।
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मीटर और कूलर लीक करने पर भी कटेगा चालान

पानी की बर्बादी से गहराता संकट। - फोटो : demo pic
अगर किसी के घर के आगे पानी की लीकेज हो रही है या फिर मीटर में से पानी बह रहा है या फिर कूलर में से पानी बहेगा तो भी दो हजार रुपये का चालान काटा जाएगा। नगर निगम की ओर से कार्रवाई का अभियान 30 जून तक जारी रहेगा। अगर कोई जुर्माने की राशि अदा नहीं करेगा तो पानी के बिल में यह राशि जुड़ कर आ जाएगी। अधिकारियों के अनुसार बूस्टर पंप और पानी चढ़ाने के लिए मोटर का इस्तेमाल करने वालों पर भी नजर रखी जाएगी।

बाल्टी का प्रयोग कर सकते हैं: अगर कोई बाल्टी में से कम पानी का प्रयोग करके गाड़ी साफ करता है या फिर सिंचाई करता है तो उस पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।

आएगी पानी की किल्लत: जल्द ही तपती गरमी दस्तक देने जा रही है जिससे लो प्रेशर का लोगों को सामना करना पड़ेगा। इस समय पानी की किल्लत का इसलिए भी ज्यादा सामना करना पड़ेगा क्योंकि शहर ने पंचकूला को छह एमजीडी पानी की सप्लाई दे दी है और कजौली वाटर वर्क्स के दो नए फेज से मिलने वाले पानी के लिए पाइप डालने का काम शुरू नहीं हुआ है।

116 एमजीडी पानी की है मांग: गरमी में शहर में 116 एमजीडी पानी की मांग हो जाती है। इस समय शहर को कजौली वाटर वर्क्स से 58 एमजीडी पानी मिल रहा है, जबक शहर में लगे 235 टयूबवेल से 22 एमजीडी पानी मिल रहा है। जिनमें से 10 प्रतिशत टयूबवेलों में हर दिन कोई न कोई दिक्कत ही रहती है। ऐसे में गरमी में 36 एमजीडी पानी की शार्टेज होती है जो कि इस साल भी लोगों को सहनी पड़ेगी।

मुकेश आनंद, चीफ इंजीनियर ने बताया कि 15 अप्रैल से पानी की बर्बादी करने वालों के खिलाफ मुहिम छेड़ दी जाएगी। इस बार शहर में पानी की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। एक बार दो हजार रुपये का चालान काटने के बाद फिर से पानी की बर्बादी होने पर कनेक्शन काट दिया जाएगा। पानी की बर्बादी करने वालों की शिकायत दर्ज करवाने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा।
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