फासवेक कांग्रेस और भाजपा को मुश्किल में डालने की रणनीति तैयार कर रहा है। फासवेक के कई पदाधिकारी और सदस्य चाहते हैं कि इस साल के अंत में होने वाले नगर निगम चुनाव में फासवेक भी अपने उम्मीदवार में उतारे।
यह बात रविवार को सेक्टर-21 में हुई फासवेक की बैठक में सेक्टर-15 की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने रखी। इसका कमलजीत पंछी और सेक्टर-38 निवासी पकंज गुप्ता सहित अन्य सदस्यों ने इस का समर्थन किया। सदस्यों ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा रेजिडेंट्स से वोट ले लेते हैं। लेकिन वोट लेने के बाद उन्हें भूल जाते हैं।
ऐसे में जब शहरवासी पार्षद चुनते हैं तो वह क्यों न अपनों में से ही उम्मीदवार मैदान में उतारें। फासवेक के सलाहकार कमलजीत पंछी ने सलाह दी कि एक ग्रुप बनाया जाए। जिसमें व्यापार मंडल और सीएचबी रेजिडेंट्स फेडरेशन को शामिल किया जाए। यह समूह सभी वार्डों के उम्मीदवारों के नाम तय कर उन्हें मैदान में उतारे। सुरेंद्र शर्मा और कमलजीत पंछी ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद पार्षद अपने राजनीतिक दलों के निर्देश पर ही काम करता है जिस कारण गुटबाजी हावी रहती है।
जिसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ता है। ऐसे में राजनीति गर्माने से शहर के काम प्रभावित होते हैं। अगर फासवेक अपने उम्मीदवार जीताएगी तो राजनीति नहीं होगी। मालूम हो कि साल के अंत में नगर निगम चुनाव होंगे। इस समय शहर में 26 वार्ड हैं और रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के सहयोग से कोई भी चुनाव नहीं जीत सकता है। फासवेक के तहत इस समय 70 रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन हैं। बैठक में फासवेक के पूर्व चेयरमैन पीसी सांघी ने भी भाग लिया।