बैंकों ने केवल 202 आवेदन ही मंजूर किए, बाकी सारे आवेदन रद्द कर दिए गए हैं। अनिरुद्ध तिवारी ने निदेशक स्थानीय सरकार से कहा कि वे बैंकों के साथ बैठक करके इस मामले का हल निकालें ताकि गरीबों को मकान मिल सकें।
उन्होंने एसएलबीसी की बैठक के दौरान बैंकों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। हालांकि एसएलबीसी के पदाधिकारियों द्वारा बैठक में भरोसा दिलाया गया कि इस मामले का हल जल्द किया जाएगा। बैंकों के अधिकारी जल्द ही स्थानीय सरकार विभाग के निदेशक के साथ बैठक करेंगे।
सरकार और बैंकर्स मिलकर निकालेंगे हल: मनप्रीत
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बैंकों द्वारा 90 फीसदी आवेदन रद्द कर दिए जाने के मामले पर वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि बैंकर्स की ओर से जांच कमेटी गठित की गई है। इसके अलावा राज्य सरकार और बैंकर्स भी मिल बैठकर इस मामले पर विचार करेंगे।
उन्होंने कहा कि आवेदन रद होने को लेकर अब तक यह बात सामने आई है कि प्रधानमंत्री आवास योजना एक शहरी हाउसिंग स्कीम है जबकि पंजाब में बैंकों के बाद इस योजना के तहत पहुंचे अधिकांश आवेदन ग्रामीण इलाकों के लिए थे। फिर भी, सरकार और बैंकर्स इसका कोई हल निकालेंगे। वित्त मंत्री ने आगे कहा कि अगर आवेदन रद्द किए जाने थे तो उन्हें तुरंत ही कर दिया जाना चाहिए था। आवेदकों से बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगवाना सही नहीं है।