शहर के प्राइवेट और कान्वेंट स्कूलों की मनमानी फीस पर रोक के लिए यूटी प्रशासन 2017 एकेडमिक सत्र से पहले ही नई फीस पॉलिसी को लागू कर देगा। जानकारी अनुसार यूटी प्रशासन की फीस पॉलिसी रद्द होने के बाद अब प्रशासन ने पंजाब सरकार की फीस पॉलिसी को फालो करने का फैसला लिया है।
फीस पॉलिसी संबंधी फाइल तैयार होकर शिक्षा सचिव सर्वजीत सिंह के पास पहुंच चुकी है। एडवाइजर के गुवाहाटी में होने के कारण फीस पॉलिसी को लेकर अगले दौर की बातचीत नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार अगले हफ्ते तक प्रशासक से फीस पॉलिसी पर मुहर लगने की उम्मीद है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पंजाब फीस पॉलिसी-2016 में चंडीगढ़ के हिसाब से कुछ बदलाव के सुझाव भी भेजे हैं। मामले में यूटी प्रशासन अब और देरी नहीं करना चाहता। चंडीगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन के कड़े विरोध के बाद फीस पॉलिसी एंट्री लेवल दाखिला प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही लागू होने की उम्मीद है। अंतिम मुहर के लिए पॉलिसी को एमएचए के पास भी भेजने का फैसला भी लिया गया है।
क्या है पंजाब फीस पॉलिसी एक्ट-2016
पंजाब सरकार ने 2016 में पंजाब फीस रेगुलेटरी एक्ट को विधानसभा में मंजूरी दे दी है। चंडीगढ़ में पंजाब के सर्विस रूल्स फालो होते हैं। ऐसे में अब कानूनी अड़चनों से बचने के लिए पंजाब की फीस पॉलिसी को लागू करने का फैसला लिया गया है।
इसके तहत कोई भी स्कूल हर साल 8 फीसदी से अधिक फीस बढ़ोतरी नहीं कर सकता। फीस पॉलिसी की अनदेखी करने वाले स्कूलों पर 30 हजार से एक लाख तक जुर्माना लग सकता है। शिक्षा विभाग प्राइवेट स्कूलों की मान्यता रद्द करने के लिए सीबीएसई बोर्ड को चिट्ठी लिख सकता है।