होमी भाभा कैंसर अस्पताल व रिसर्च सेंटर के नींव पत्थर रखने को हुए समागम में अफरा-तफरी मच गई। प्रधानमंत्री के आने से चंद मिनट पहले ही अकाली व कांग्रेसी भिड़ गए। ऐन मौके पर ऐसे विवाद से सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पैर फूल गए। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने आनन-फानन में विवाद निपटा कर सबको बैठाया। मेहमानों के आने तक स्थिति सामान्य हो गई।
समागम को गैर सियासी बनाने की हर संभव कोशिश की गई थी। पर केंद्र और राज्य की सरकारें शामिल थीं, तो दोनों के नेता भी इसमें शामिल थे। दोनों ही पार्टियों ने अपने समर्थकों को समागम में बुलाया था। पर अलग-अलग जगह निर्धारित नहीं की गई थी। सब मिल कर बैठे हुए थे। प्रधानमंत्री का चॉपर दोपहर 3.13 मिनट पर पहुंचा।
उसके ठीक छह मिनट पहले स्टेज के दाहिनी तरफ सबसे पीछे के ब्लॉक में विवाद हो गया। सांसद रवनीत बिट्टू पीछे के ब्लॉक में समर्थकों से मिल रहे थे। इसी दौरान किसी खास जगह पर बैठने को लेकर अकाली और कांग्रेसी समर्थक आमने-सामने हो गए। बहस के बाद हाथापाई शुरू हो गई। जिससे आसपास मौजूद दोनों पार्टियों के समर्थक भी वहां जुटने लगे। ऐन मौके पर ऐसे विवाद के बाद पुलिस अधिकारी हरकत में आए। झगड़ने वाले दो लोगों को पंडाल से बाहर कर दिया गया। इतनी देर में सभी लोग खड़े होकर तमाशा देख रहे थे। काफी मशक्कत के बाद अधिकारियों ने लोगों को बैठाया। स्थिति सामान्य होने पर चैन की सांस ली।