वह उनसे बातचीत कर रहा था। इतने में राजीव कालोनी की तरफ से लबल, विक्की अपने तीन साथियों के साथ आ गए और कांस्टेबल अजय के सामने ही गाली-गलौच करने लग गए।
कांस्टेबल अजय के सामने लबल कहने लगा कि पुलिस की मुखबिरी करता है। मेरी जासूसी करने आया है। रजत ने जवाब दिया कि वह तो अपने चाचा से मिलने आया था और वापस अपने घर जा रहा है। कांस्टेबल अजय ने बीच-बचाव किया और अपनी कार से चला गया। इसके बाद आरोपी युवकों ने रजत को किडनैप कर राजीव कालोनी के एक कमरे में ले गए।
जहां उसके हाथ-पांव बांध कर डंडे बरसाए। लबल ने कहा कि इसका काम तमाम करना है। वह कुछ देर के लिए बाहर गया और फिर पिस्तौल लेकर आया। लबल ने उसके मुंह में पिस्तौल रखकर कर डराया-धमकाया। मारपीट के बाद आरोपी उसे कमरे बंद कर चले गए।
22 अक्तूबर को सुबह करीब 8.30 बजे आरोपी आए और खून से लथपथ उसके कपड़े उतरवा कर दूसरे कपड़े पहनाकर एक गाड़ी में यह कहकर भेज दिया कि सीधा घर चला जा। पुलिस को शिकायत दी तो जान से मार देंगे। वह गाड़ी में बैठा और रेलवे ट्रैक के पास उतर गया और फिर उसने पुलिस को शिकायत दी। शिकायत के बाद पुलिस उसे हॉस्पिटल ले गई।