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जाट आंदोलन का असर, बढ़े सब्जियों के दाम

Mon, 22 Feb 2016 08:39 AM IST
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा में चल रहे जाट आंदोलन का असर शहर में सप्लाई होने वाली सब्जियों और फल पर भी पड़ने लगा है। दिल्ली और दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियों और फल के रेट कई गुना बढ़ गए हैं।
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50 प्रतिशत गाड़ियां चंडीगढ़ सेक्टर-26 मंडी में नहीं पहुंच रही हैं। अगर सोमवार तक नेशनल हाईवे के रास्ते नहीं खुले तो शहर में प्याज की कमी हो जाएगी। क्योंकि शहर में प्याज का सिर्फ एक दिन का स्टाक ही बचा है। आंदोलन के कारण फ्रांसबिन का रेट रविवार को 200 रुपये किलो पहुंच गया है। जबकि शनिवार तक इसका रेट 40 रुपये किलो था।

आंदोलन का मुनाफाखोर जमकर फायदा उठा रहे हैं। साथ ही दिल्ली से जो फल (ऑफ सीजन) की सप्लाई आती है, वह रविवार को नहीं आ पाई। ऐसे में दिल्ली से फल और सब्जियों की सप्लाई बंद होने से चंडीगढ़ ने हिमाचल और पंजाब में इनकी सप्लाई बंद कर दी है। क्योंकि चंडीगढ़ की सेक्टर-26 मंडी से हिमाचल और पंजाब के लिए सप्लाई होती है।
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25 टन प्याज आया नासिक से
शहर में प्रतिदिन 100 टन प्याज की खपत है। लेकिन नासिक से रविवार को प्याज की सिर्फ दो ही गाड़ियां आ पाईं। ऐसे में 25 टन प्याज ही पहुंच सका है। ये गाड़ियां पंजाब के रास्ते से अतिरिक्त सफर तय कर चंडीगढ़ पहुंचाई गई हैं। ऐसे में प्याज के रेट में दो रुपये किलो का इजाफा हो गया है। टमाटर की सप्लाई भी नासिक से आती है। रविवार को नासिक से टमाटर की सप्लाई नहीं आई है। साथ ही पटियाला से भी टमाटर की सप्लाई होती है।

हावड़ा से आने वाली सब्जियों के रेट बढ़े
हावड़ा से वाया दिल्ली आने वाली सब्जियों में इस समय शिमला मिर्च, फ्रासबिन, खीरा, हरी मिर्च और करेला है। इन सभी के रेट कई गुना बढ़ गए हैं।

दूसरे राज्यों से आने वाली सब्जियों के रेट
सब्जी-----------------शनिवार के रेट------------रविवार के रेट
फ्रासबीन--------------40 से 50-----------------200
शिमला मिर्च----------20 से 25-----------------40
खीरा------------------20 से 25-----------------40
हरी मिर्च-------------40 से 50-----------------130
करेला----------------40 से 50-----------------80 से 90
आंवला-----------------80-----------------------160
नींबू-----------------40 से 50-----------------100

लोकल सब्जियां सस्ती
जिन सब्जियों की सप्लाई शहर के आसपास और पंजाब से आ रही हैं, उनके रेट कम हैं। मटर 20, गाजर 10, फूल और बंदगोभी 10 रुपये किलो है।

मुनाफाखोरी में जुटे हैं कुछ लोग
मार्केट कमेटी के सचिव राजेंद्र कुमार का कहना है कि रविवार को दिल्ली और दूसरे राज्यों से 50 प्रतिशत ही सब्जी की गाड़ियां पहुंची हैं। जिस कारण कुछ सब्जियों के रेट बढ़ गए हैं। कुछ परचून विक्रेता सप्लाई न आने का फायदा उठाकर मुनाफाखोरी कर रहे हैं। प्याज की सिर्फ दो ही गाड़ियां आई हैं।

माल लाने से घबरा रहे हैं ट्रांसपोर्टर
स्माल सेलर वेजिटेबल एसोसिएशन के अध्यक्ष देसराज का कहना है कि  सप्लाई न आने से रेट कई गुना बढ़ गए हैं। दूसरे राज्यों से ट्रांसपोर्टर्स शहर में माल लेकर आने से घबरा रहे हैं।

दालों पर भी पड़ेगा असर
रविवार को ग्रेन मार्केट होती है। ऐसे में दिल्ली से ही शहर में दालों और दूसरे उत्पादों की सप्लाई होती है। इस पर भी सोमवार को असर पड़ सकता है। दालों और आटे की सप्लाई शहर से ही हिमाचल में होती है। शहर के ट्रांसपोर्टर हरियाणा और दिल्ली ट्रक नहीं भेज रहे हैं। जबकि कई के ट्रक दिल्ली फंसे हैं। जो रास्ता खुलने के इंतजार में हैं।

कारोबार पर पड़ रहा है असर
व्यापार मंडल के अध्यक्ष चरणजीव सिंह का कहना है कि दूसरे राज्यों से दिल्ली और हरियाणा के रास्तों से माल चंडीगढ़ में आता है। शहर में हरियाणा, यूपी, दिल्ली, राजस्थान और मुंबई सहित कई राज्यों से माल आता है। जल्द ही रास्ते न खुले तो व्यापारियों का करोड़ों का नुकसान होगा।

रिश्तेदार नहीं पहुंच पा रहे हैं
नेशनल हाईवे बंद होने से दूसरे राज्यों से आने वाले लोग शहर में शादी और समारोह में नहीं पहुंच पा रहे हैं। सेक्टर-21 निवासी सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा है कि प्लीज जाटों की मांग मान लीजिए। क्योंकि उनकी शादी के लिए रिश्तेदार सड़कें खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
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