कुछ दिन पहले रायपुररानी खंड के गांव बड़ौना खुर्द में तेंदुए के आतंक को लोग अभी भूले भी नहीं थे कि शनिवार को बरवाला के गांव जलौली में तेंदुआ दिखने से लोगों की नींद उड़ गई। गांव जलौली के जसमेर सिंह नंबरदार ने बताया कि गांव में कुछ दूध की डेयरियां बनाई जानी हैं।
इसके लिए गांव के साथ लगती टांगरी नदी में वह शनिवार सुबह करीब 10.30 बजे कानूनगो हरिओम, पटवारी नरेंद्र सिंह व दो अन्य व्यक्ति श्याम सुंदर व कमल कुमार और गांव के ग्रामीण नरेंद्र पाल राणा, संजीव कुमार जमीन की निशानदेही करने गए थे।
इस दौरान कानूनगो हरिओम की नजर एक तेंदुए और उसके दो शावकों पर पड़ी जो उनसे कुछ ही दूरी पर बैठे थे। जैसे ही उनकी नजर इस तेंदुए पर पड़ी तो उनके होश उड़ गए और वे निशानदेही बीच में ही छोड़ कर वहां से गांव की तरफ भाग आए।
उन्होंने इसकी सूचना चंडी मंदिर के एसएचओ को दी। इस खबर की भनक लगते ही डीसीपी हामिद अखतर, एसएचओ अरविंद कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने वन्य जीव जंतु विभाग को सूचित किया।
वन्य जीव जंतु विभाग के इंस्पेक्टर राकेश ने भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर सर्च अभियान किया। उन्हें वहां तेंदुआ व उसके शावक तो नहीं मिले लेकिन उनके पंजों के निशान अवश्य मिले। इसके चलते गांव जलौली व क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोग अपने खेतों में जाने से भी कतराने लगे हैं।
उधर, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन डॉ. अमरिंदर कौर ने कहा कि जंगली जानवर की सूचना मिलते ही उन्होंने टीम को मौके पर भेज दिया गया, लेकिन देर शाम तक इस बारे में कोई सूचना नहीं मिली। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि इस तरह का भ्रम न फैलाएं, जिससे ग्रामीणों में दहशत नहीं हो।
डॉ. कौर ने कहा कि बड़ौना खुर्द में तेंदुए के फुट प्रिंट मिलने के बाद से ही वाइल्ड लाइफ की टीम मुस्तैद है और हर पल पर उनकी नजर है। सूत्रों के मुताबिक वहां किसी और जंगली जानवर के फुट प्रिंट मिले हैं, जिसकी छानबीन की जा रही है।
टोल फ्री नंबर की जरूरत :
डॉ. अमरिंदर कौर ने कहा कि किसी भी जंगली जानवर की सूचना मिलते ही विभागीय टीम को तैनात कर दिया जाता है। इसके लिए अगर टोल फ्री नंबर की शुरुआत की जाए तो लोगों के लिए सूचना देना आसान हो जाएगा।