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नगर निगम पार्षदों के लिए बड़ी खुशखबरी

Sun, 14 Dec 2014 01:24 PM IST
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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राजधानी चंडीगढ़ की तर्ज हरियाणा में भी नगर निगम और नगर परिषदों के पार्षदों को वार्षिक फंड मिल सकेगा। प्रदेश में पार्षदों की ओर से ऐसे फंड की मांग लंबे समय से की जा रही है।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हाल ही में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों को आगामी वित्त वर्ष से पार्षदों को स्वैच्छिक कोटा (फंड) देने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के आदेश दिए हैं।

मुख्यमंत्री का कहना है कि कोष मिलने से पार्षदों के अधिकारों का भी विस्तार होगा। सीएम के आदेश पर विभाग ने इस बाबत प्रस्ताव तैयार करना शुरू कर दिया है। इसके लिए अधिकारी चंडीगढ़ और दिल्ली नगर निगमों में पार्षदों को मिल रहे वार्ड डेवलपमेंट फंड के मॉडल को स्टडी कर रहे हैं।
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मुख्यमंत्री ने पार्षदों के साथ साथ मेयर, सीनियर और डिप्टी मेयर का भी स्वैच्छिक कोटा तय करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि पार्षदों को फंड मिलने से विकास के कामों में तेजी आएगी क्योंकि इस फंड से पार्षद लोगों की मांग पर अपनी मर्जी से सीधा काम करवा सकेंगे।

पार्षदों की ओर से सीधे कराए गए विकास कार्यों के प्रस्ताव को किसी कमेटी और सदन में पास करवाने की जरूरत नहीं होगी। फंड में से राशि जारी होने के बाद अधिकारी संबंधित काम को करवाने के लिए सीधा टेंडर निकाल देंगे।

चंडीगढ़ में हर पार्षद को मिलता है 40 लाख का सालाना फंड
चंडीगढ़ नगर निगम के सभी पार्षदों को अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए हर साल 40 रुपये का फंड दिया जाता है। यहां पार्षदों के अलावा मेयर को हर साल दो करोड़ रुपये का फंड मिलता है। चूंकि मेयर पर पूरे शहर की जिम्मेवारी होती है और मेयर अपने वार्ड को छोड़कर किसी भी अन्य पार्षद के क्षेत्र के लिए भी यह राशि जारी कर सकता है।

खट्टर ने स्वैच्छिक कोष से जारी किए 100 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री खट्टर ने बीते सप्ताह 100 करोड़ रुपये की राशि अपने स्वैच्छिक कोष से जारी करने की घोषणा की थी। यह राशि इस सप्ताह जारी कर दी गई है। इससे पार्षद अपने वार्डों में विकास कार्य करवा सकेंगे।
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