11 साल से न्याय के लिए भटक रही है पीड़िता
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पंजाब प्राइवेट सेल्फ फाइनेंस्ड डेंटल कालेज एसोसिएशन की याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार और बाबा फरीद यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया है। मामले की सुनवाई अब 7 जुलाई को होगी। याचिका में एसोसिएशन ने पंजाब सरकार द्वारा 10 जून, 2016 को जारी नोटिफिकेशन के क्लॉज 3 को रद करने की मांग की है, जिसमें सरकार ने बाबा फरीद युनिवर्सिटी को एनईईटी-2016 के अंकों के आधार पर विद्यार्थियों को दाखिले देने के लिए केंद्रीकृत काउंसिलिंग का अधिकार दिया है।
इसके साथ ही याचिकाकर्ता एसोसिएशन ने बीडीएस कोर्स के लिए मैनेजमेंट कोटे/बाकी बची सीटों/खाली सीटों पर दाखिले करने की अनुमति मांगते हुए कहा है कि यदि बाबा फरीद युनिवर्सिटी निजी कालेजों/संस्थानों में उक्त कोटे की सीटों पर खुद दाखिले करना चाहती है तो बाबा फरीद युनिवर्सिटी को निजी कालेजों की शत-प्रतिशत सीटें भरने के निर्देश दिए जाएं। इस दौरान यदि सीटें खाली रह जाती हैं तो उस सीट के लिए बाबा फरीद युनिवर्सिटी संबंधित कालेजों को पूरे कोर्स की फीस का भुगतान करे।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि बाबा फरीद युनिवर्सिटी के ढुलमुल रवैये के चलते बीते सालों में कई सीटें भरी नहीं जा सकी थीं। याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए एडवोकेट मनीष कुमार सिंगला में कोर्ट से कहा कि दाखिलों को लेकर बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ने बीते सालों के दौरान अंतिम क्षणों में निजी कालेजों को अधर में छोड़ दिया था। युनिवर्सिटी ने न तो निजी कालेजों को पर्याप्त समय दिया और न ही दाखिलों के एवज में ली गई फीस की राशि कई महीनों तक निजी कालेजों को सौंपी।
याचिका में कहा गया है कि युनिवर्सिटी को यह अधिकार नहीं है कि वह निजी कालेजों के लिए दाखिल किए गए विद्यार्थियों से मिली फीस की राशि अपने पास रखे। युनिवर्सिटी के ढुलमुल रवैये के चलते पिछले सालों में निजी कालेजों में कई सीटें खाली ही रह गईं, जिससे निजी कालेजों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। याचिका में बताया गया कि वर्ष 2013 में 199 सीटें, 2014 में 455 सीटें और 2015 में 487 सीटें खाली रह गईं।
याचिका में बताया गया है कि निजी कालेज प्रबंधन खाली रह गई सीटों को भरने में सक्षम हैं लेकिन सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन के कारण कालेज प्रबंधन को सीटें भरने का अधिकार नहीं रह गया है। यह भी बताया गया कि नोटिफिकेशन के क्लॉज 11 में तो यह कहा गया है कि निजी संस्थानों में दाखिले 2006 के एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप होंगे लेकिन क्लॉज 17 में साफ किया गया है कि निजी संस्थानों में खाली रह गई सीटों के लिए काउंसिलिंग जीजीएस मेडिकल कालेज फरीदकोट में ही होगी और कोई भी संस्थान निजी तौर पर कोई आवेदन नहीं ले सकेगा।
बुधवार को जस्टिस जयपॉल ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार और बाबा फरीद युनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया।