चंडीगढ़। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत घरों से कचरा उठाने के लिए खरीदी गईं गाड़ियों की बैटरी ही खराब हो गई, क्योंकि कंपनी से गाड़ियां मिलने के बाद उन्हें चलाया ही नहीं गया। निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने जब इन गाड़ियों को चलाने के निर्देश दिए तो 93 में से 70 गाड़ियां स्टार्ट ही नहीं हुईं। अब इन सभी गाड़ियों की बैटरी को ठीक करवाकर काम पर लगा दिया गया है।
बता दें कि घर-घर जाकर कचरा उठाने के लिए शहर में 390 गाड़ियां संचालित होनी थीं। नगर निगम ने पहले चरण में सेक्टर-1 से लेकर 30 तक गाड़ियां चलवाईं। फिर धीरे-धीरे अन्य सेक्टरों में गाड़ियों को पहुंचाया। हालांकि चालकों के न होने से इंडस्ट्रियल एरिया स्थित गैराज में 97 गाड़ियां खड़ी रहीं और इन्हें चलाया ही नहीं गया। बाद में जब आयुक्त ने इन्हें चलाने के लिए कहा कि 70 गाड़ियों की बैटरी डाउन या खराब हो गई थी। निगम के परिवहन विभाग ने कंपनी से संपर्क कर सभी गाड़ियों की बैटरी को ठीक करवाया, तब जाकर गाड़ियों को अलग-अलग क्षेत्र में भेजा गया।
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निगम ने स्वच्छता अभियान में झोंक दी है ताकत
नगर निगम ने स्वच्छता अभियान में बेहतर रैंकिंग के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। अधिकारियों की जिम्मेदारी लगाकर आयुक्त प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट खुद ले रहीं हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए अब मार्केट, आरडब्ल्यूए के लोगों से सुझाव लिए जा रहे हैं ताकि समस्याओं को हल किया जा सके।
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आईटी से लेकर सोशल मीडिया टीम फील्ड में
निगम एक ओर लोगों को पुरस्कृत कर उनका उत्साह बढ़ा रहा है, वहीं अपनी आईटी व सोशल मीडिया टीम को पूरी तरह लोगों को जागरूक करने में लगा दिया है। कचरा अलग-अलग करने का महत्व, स्वच्छता रैंकिंग में फीडबैक देने का तरीका, अपने स्तर पर कचरे का निस्तारण करने का तरीका जैसी बातों पर खुलकर संवाद किया जा रहा है।
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गाड़ियों के खड़े होने की जानकारी मिली थी। कुछ गाड़ियों में समस्या आई थी। इन्हें तत्काल परिवहन विभाग के एसडीओ से कहकर ठीक करवा लिया गया है। जहां से गाड़ियों में कचरा नहीं लिया जा रहा था, वहां इन गाड़ियों को भेजा जा रहा है।
-आनंदिता मित्रा, आयुक्त, नगर निगम