सीटीयू की ओर से अब बैटरी चालित बसें दो महीने ट्रायल के बाद खरीदी जाएंगी। इसके लिए सीटीयू और बस कंपनियों के बीच सहमति बन गई है। इसका ट्रायल तीन मई से शुरू होगा। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इन बसों को चलाने का फैसला ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने लिया है।
चंडीगढ़ प्रशासन और ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की मीटिंग में सीटीयू की ओर से बिना ट्रायल बसें खरीदे जाने पर सवाल उठाया गया। इस पर बस खरीदने से सीटीयू ने इनकार कर दिया था। इसकेे बाद मार्च में हुई मीटिंग में सीटीयू ने यह प्रपोजल बस कंपनियों के सामने रखा था कि दो महीने के ट्रायल के बाद बैटरी चालित बसों की खरीद की जाएगी। इस पर कंपनियां तैयार हो गईं हैं।
10 बसें चलाने का है प्रपोजन
सीटीयू की ओर से दिसंबर 2016 में 10 बैटरी चालित बसों का संचालन किए जाने का प्रपोजल बनाया गया था। इस बस को फरवरी में खरीदा जाना था। बैटरी चालित एक बस की कीमत एक करोड़ रुपये है। इतनी महंगी होने के बाद चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग की ओर से इसका ट्रायल नहीं किया गया था।
इन बसों से शहर का पॉल्यूशन होगा कम
सीटीयू बस
- फोटो : File Photo
बस की बैटरी की होगी जांच
प्रशासन के अधिकारियों के साथ हुई मीटिंग में यह सवाल उठे कि अगर इन बसों की बैटरी दिनभर नहीं चल पाई तो परेशानी होगी। महंगी बसों के खरीदने के बाद भी यात्रियों को समस्या होगी। सीटीयू की ओर से बस कंपनियों को बैटरी चालित बसों की खरीद के लिए मना कर दिया गया। इसके बाद सीटीयू और बस कंपनियों के बीच मीटिंग हुई। मीटिंग में यह फैसला लिया गया कि बैटरी चालित बसों को दो महीने पहले हम ट्रायल करेंगे। इसके बाद बसों की खरीदी की जाएगी।
इन बसों से शहर का पॉल्यूशन होगा कम
बैटरी चालित बस का ट्रायल देने के लिए टाटा और अशोका लीलैंड की बस कंपनियां तैयार हो गईं हैं। सीटीयू बैटरी चालित बसों को चलने की क्षमता, चार्जिंग में लगने वाले समय की जांच के बाद यह बस खरीदेगा। इस पर बस कंपनी तैयार हो गई हैं। अगर यह बस चलाई जाएगी तो शहर को प्रदूषण मुक्त बनाया जा सकेगा। शहर में वर्ष 2016 में डीजल से चलाए गए ऑटो पर पाबंदी लगाई गई थी। इसके बाद पॉल्यूशन कम हो गया है।
सीटीयू की ओर बैटरी चालित बस कंपनियों के साथ मीटिंग की गई है। इसका ट्रायल मई से शुरू किया जाएगा। अगर यह ट्रायल सफल होगा तो सीटीयू की ओर से बैटरी चालित बसें खरीदी जाएगी।
अमित तलवार, सीटीयू, डायरेक्टर