मारपीट मामले में पुलिस ने सतगुरु दलीप सिंह और सतगुरु उदय सिंह के दोनों पक्षों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। गुरुद्वारे की देखभाल के लिए दो सेवादार ही रहेंगे। गुरुद्वारे के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है।
पहला मामला पुलिस ने मोहाली के सेक्टर-80 निवासी गुरुसेवक सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया है। गुरुसेवक सिंह के अनुसार लुधियाना निवासी जगतार सिंह के साथ आए लोगों ने उन पर हमला किया। उन्होंने अपनी शिकायत में जोगा सिंह, केसर सिंह, पूर्व सरपंच सरवजीत सिंह, बलविंदर सिंह, हरविंदर सिंह, बलदेव सिंह, हरभजन सिंह, गुरबचन सिंह और अन्य पर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
हथियारों से एक दूसरे पर हमला कर दिया था
दूसरा मामला मोहाली निवासी जोगा सिंह की शिकायत पर गुरुसेवक सिंह, गुरबख्श सिंह, सतनाम सिंह, रतन सिंह, गुरशरण सिंह, बलबीर सिंह, सरवजीत सिंह, हजारा सिंह, तजेंद्र सिंह, बलविंद्र सिंह, गुरुचरण सिंह और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने ने ही गुरुद्वारे में अपने माता-पिता की बरसी का समागम रखा था। उक्त आरोपियों ने सतगुरु उदय सिंह के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें अरदास करने से रोक दिया। साथ ही बाहर से आए उनके रिश्तेदारों की पिटाई कर दी। मालूम हो कि रविवार को दोनों पक्षों ने चिमटे और कीर्तन का जो भी सामान हाथ लगा उसी से एक दूसरे पर हमला कर दिया था। हमले में दस भक्त घायल हो गए। घायलों में महिलाएं भी शामिल हैं।
हल निकलने तक गुरुद्वारे को सील कर देने की मांग
सतगुरु दलीप सिंह के भक्तों ने सोमवार को प्रेस वार्ता कर कहा कि वह नामधारी पंथ की एकता के लिए 29 मार्च को लुधियाना स्थित भैणी साहिब में भूख हड़ताल करेंगे। उन्होंने दावा किया कि दलीप सिंह ही नामधारी सगंत के गुरु हैं।
इस मौके पर डॉ. सुखदेव सिंह, वकील नरेंद्र सिंह, दर्शन सिंह, हरविंद्र सिंह, अमरीक सिंह, पलविंद्र सिंह और नवतेज सिंह ने कहा कि सेक्टर-30 के गुरुद्वारे को सील कर देना चाहिए, जब तक कोई हल नहीं निकल जाता। उन्होंने कहा कि सतगुरु उदय सिंह के भक्तों ने रविवार को उन पर हमला किया, जबकि वह हर बाद शांति से रविवार को कीर्तन और अरदास करते है। उन्होंने दावा किया कि सतगुरु उदय सिंह के भक्त सेक्टर-30 के गुरुद्वारे पर कब्जा करना चाहते है। उन्होंने कहा कि राज माता चांद कौर भी सतगुरु उदय सिंह के करीबियों के दबाव में है।
हमले को लेकर एसएसपी को पहले दी थी सूचना
डॉ. सुखदेव सिंह ने कहा कि हमले की आशंका के चलते प्रशासन और एसएसपी को भी लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सुरक्षा नहीं दी गई। उधर, सतगुरु उदय सिंह के अनुयायियों का दावा है कि गद्दी पर सतगुरु जगजीत सिंह ने ही अपने रहते हुए अपना उत्तराधिकारी उदय सिंह को घोषित किया था, जबकि राज माता ने भी सगंत को सतगुरु उदय सिंह का समर्थन करते हुए संगत को इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि राज माता इस समय भौणी साहिब में सतगुरु उदय सिंह के साथ ही रहती हैं। सतगुरु जगजीत सिंह का साल 2012 में निधन हो गया था।