कांग्रेस की ओर से खुद को बाहरी प्रत्याशी बताए जाने से बिफरे जेटली ने कहा कि अगर उनकी रगों में अमृतसर का खून होने के बावजूद मैं बाहरी हूं तो कांग्रेसी ये बताएं कि सोनिया गांधी कहां की है।
जेटली के बयान पर पलटवार करते हुए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रत्याशी कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि जेटली जैसे सुलझे नेता ने इस तरह का बयान देकर बहस के स्तर को नीचे गिरा दिया है। उन्होंने कहा कि जेटली को भारत की संस्कृति की जानकारी नहीं है। कैप्टन ने कहा कि भारत में बेटियों को नहीं बहुओं को घर का असली उत्तराधिकारी माना जाता है न कि यह देखा जाता है कि वह कहां की रहने वाली है।
कैप्टन अमरिंदर मजबूत नहीं बल्कि मजबूर उम्मीदवार
शालीनता के साथ आक्रामक तेवरों के मशहूर अरुण जेटली ने रविवार को कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी की ओर से आयोजित एक जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि कैप्टन अमरिंदर मजबूत नहीं बल्कि मजबूर उम्मीदवार है।
जेटली ने कहा कि सिर्फ चार दिन पहले कैप्टन अमृतसर के भूगोल से वाकिफ नहीं होने की दुहाई देकर भाग रहे थे। ऐसे में बेचारे कैप्टन साहब को मजबूर होकर मैदान में उतरना पड़ रहा है। जेटली ने कहा कि चुनाव में जनता को इस सरकार और इसके भ्रष्ट मंत्रियों दोनों से छुटकारा मिल जाएगा।
अमरिंदर का पलटवार, कहा- बहू होती है घर की उत्तराधिकारी
पूर्व मुख्यमंत्री व अमृतसर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी कैप्टन ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की नागरिकता पर सवाल करने वाले भाजपा उम्मीदवार अरुण जेटली पर बरसते हुए उन्हें नकली पंजाबी करार दिया है।
जारी बयान में कैप्टन ने कहा कि वे हैरान है कि बहस में खुद को फंसता देख जेटली ने सोनिया गांधी को इसमें शामिल कर लिया। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी का स्व. राजीव गांधी से करीब 45 वर्ष पहले विवाह हुआ था। ऐसे में वह यूपी से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि हर बार भाजपा ने यह मुद्दा उठाने की कोशिश की है और देश के लोगों ने हमेशा से इनको नकारा है।
'जेटली का अपनी पंजाबियत के प्रति प्यार मौका परस्ती'
कैप्टन ने कहा कि जेटली का अपनी पंजाबियत के प्रति जागा प्यार मौका परस्ती है। यहां से चुनाव लड़ने की बात छोड़ दें तो जेटली बताएं कि वे आखिरी बार कब पंजाब आए थे।
कैप्टन ने भाजपा उम्मीदवार की ओर से उन पर कुछ घंटे ही उपलब्ध रहने और उनका पैलेस आम आदमी की पहुंच में न होने संबंधी लगाए आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि हां वह दिन में कुछ घंटे ही उपलब्ध होते हैं, मगर जब भी वह उपलब्ध होते हैं, पूरी ईमानदारी व सच्चाई से मिलते हैं।