दोपहर बाद बचाव कार्य बंद कर दिया गया। बटाला के डीएसपी लखविंदर सिंह कलेर ने बताया कि बुधवार करीब साढे़ तीन बजे से बचाव कार्य शुरू कर दिए गए थे और सारी रात पंजाब पुलिस के जवान, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बचाव अभियान में लगी रही।
मृतकों की लिस्ट
सुरिंदर सिंह निवासी भट्ठा इंद्रजीत काहनूवान रोड बटाला (मालिक), परमजीत सिंह (मालिक), विक्रमजीत उर्फ रोकी (मालिक), राजिंदर पाल सिंह (मालिक) और लाली निवासी प्रेम नगर बोहडावाल बटाला, पाहुलप्रीत सिंह, रमनदीप कौर, विमला रानी तीनों निवासी गुरु रामदास कालोनी, ओंकार सिंह निवासी बटाला, विनय निवासी प्रेम नगर, मुखा निवासी प्रेम नगर, एलिया निवासी धारीवाल, हरजीत सिंह निवासी गांव पूंदर, बलकार सिंह निवासी लील कलां, परमजीत सिंह निवासी कच्चा भीलोवाल, सैम्युल निवासी गांव तलवंडी नाहर, अमृतपाल सिंह निवासी बटाला, बलकार निवासी गुरु राम दास कालोनी, मनप्रीत सिंह, तरलोक सिंह, झांसी के तौर पर हुई है। दो की फिलहाल पहचान नहीं हो पाई है।
फैक्ट्री के साथ लगते गैराज की 15 गाड़ियां क्षतिग्रस्त
अचानक से तीन धमाके हुए। पता नहीं चला कि किस तरफ से ईंटें और पत्थर गिरने लगे। यह कहना है दिल्ली मोटर गैराज के मालिक राजिंदर सिंह राजू का। रामदास कालोनी निवासी राजू भी इस ब्लास्ट में घायल हुए हैं। उनके कान पर चोट आई हैं और 16 टांके लगे हैं। राजू का गैराज पटाखा फैक्ट्री के बिल्कुल साथ था।
उन्होंने बताया कि बुधवार को वह अपने गैराज में काम कर रहे थे कि अचानक फैक्ट्री में धमाके की आवाज आई। वह भाग कर बाहर गए तो दो चार मिनटों में आस-पास की दीवारें गिरने लगी। करीब 3-4 ब्लास्ट हुए। चारों तरफ से ईंट-पत्थर गिरने लगे। ईंट लगने से उनके कान पर चोट लग गई। उन्होंने बताया कि यह पटाखा फैक्ट्री 1997 से चल रही है।
डेढ़ साल पहले इस फैक्ट्री के खिलाफ उनकी शिकायत पर मामला दर्ज हुआ था। अब मालिक उन्हें आंखें दिखाते थे। प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जिसके कारण आज यह हादसा हुआ है। उन्होंने आगे बताया कि इस धमाके की वजह से उनकी गैराज में रखी करीब 15 गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई और उनका लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करे सरकार: बाजवा
पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रधान और राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब सरकार से आग्रह किया है कि वह बटाला हादसे से संबंधित जिला प्रशासन के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करे। बड़े अधिकारियों की उच्च सदस्यीय कमेटी बनाकर दोषी पाए जाने वाले अफसरों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
बाजवा ने सरकार से निवेदन किया कि पंजाब सरकार मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख मुआवजा और परिजनों को जीवन यापन के लिए नौकरी देने का भी एलान करे। इसी तरह घायलों को 10-10 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर दिए जाएं। बाजवा ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम से उचित जांच की जानी चाहिए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
पंजाब के सभी उपायुक्तों से एक राज्य व्यापक अनुपालन रिपोर्ट मांगी जानी चाहिए, जिसमें वे ऐसी सभी इकाइयों की उचित जांच करें और समयबद्ध तरीके से राज्य सरकार को एक अनुपालन रिपोर्ट दें। ऐसी सभी पटाखे बनाने वाली फैक्ट्रियों को किसी भी शहर/कस्बे की नगरपालिका इकाइयों में काम करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। ऐसे स्थान चिन्हित किए जाने चाहिए जहां ऐसी खतरनाक फैक्ट्रियां खोली गई हैं। बाजवा ने प्रधानमंत्री मोदी से भी अनुरोध किया कि मृतकों के परिजनों के लिए पूर्व-अनुदान के रूप में और पीड़ितों को मुआवजे के रूप में कुछ पर्याप्त राशि प्रदान करें।
सख्त कार्रवाई करे सरकार : सुखबीर
बटाला ब्लास्ट मामले में शिअद प्रधान और सांसद सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब सरकार से सख्त एक्शन लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस हादसे के जिम्मेदार लोगों या कंपनी पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, जो इतने लंबे अर्से से रिहायशी एरिया में अवैध तरीके से फैक्ट्री चला रहे थे। इतने लोगों की जानें जाना कोई छोटी बात नहीं है। यदि कोई एक्शन नहीं होता तो बहुत गलत बात है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने भी इस घटना पर संवेदना जताई है।