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सैल्यूटः ये पति-पत्नी कमाई का 10% हिस्सा खर्च करते हैं गरीबों पर, बोले- जारी रहेगा सिलसिला

Mon, 09 Mar 2020 03:18 PM IST
खुशबू गोयल अश्वनी कुमार, जीरकपुर
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जसमीत सिंह बेदी, सिमरन - फोटो : अमर उजाला
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समाज के लिए अगर कुछ करने की चाहत हो तो उसके लिए आपको कहीं जाने की या किसी प्लेटफार्म की जरूरत नहीं है, बल्कि आप अपने आसपास की जगहों में जाकर गरीबों की मदद करके और समाज भलाई के काम करके लोगों की सेवा कर सकते हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है जीरकपुर की प्रीत कालोनी में रहने वाले दंपति एडवोकेट जसमीत सिंह बेदी और उनकी पत्नी सिमरन कौर बेदी ने।
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जसमीत सिंह लोक भलाई के कार्य करते हैं और इन कायों को पूरा करने में उनकी पत्नी पूरा साथ निभाती हैं। सिमरन अब एक एनजीओ के साथ जुड़कर समाज भलाई के कार्यों को आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं, जिसका नाम ‘इनरव्हील’ है। जसमीत सिंह पेशे से एक एडवोकेट हैं, जो इस समय पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में प्रेक्टिस करके लोगों की सेवा कर रहे हैं। वो अपने महीने की कमाई का 10 प्रतिशत हिस्सा लोक भलाई के कार्यों पर खर्च करते हैं, चाहे वो चैरिटी हो या फिर ठंड में सड़क पर बिना कपड़ों के सो रहे गरीब लोगों की जरूरत।

ये सब कुछ करने में वे कभी नहीं सोचते और रात के अंधेरे में सड़क किनारे सो रहे लोगों को जरूरत का सामान देने चले जाते हैं। अमर उजाला को उन्होंने बताया कि जब उन्होंने कमाना शुरू किया तो उन्हें पहली सैलरी 11 हजार रुपये मिली थी और अपनी इस कमाई में से 10 प्रतिशत हिस्से के हिसाब से 1100 रुपये को जरूरतमंद लोगों में बांट दिया था और इसके बाद से ये सिलसिला आज तक नहीं रूका है।
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किट्टी पार्टी के बजाय गरीब परिवारों में बांटी राशि

दिल्ली के रोहिणी की रहने वाली सिमरन कौर की शादी 1997 में जसमीत सिंह के साथ हुई थी। इसके बाद उन्होंने जीरकपुर की प्रीत कालोनी में आकर रहना शुरू कर दिया। यहां आकर उनकी नई फ्रेंडस बनीं, जिन्होंने उन्हें किट्टी पार्टी का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया। लेकिन उनका मन नहीं माना। किट्टी पार्टी का हिस्सा बनकर पैसे खर्च करने के बजाय उन्होंने झुग्गी झोंपड़ियों में रहने वाले लोगों की आर्थिक मदद की। सिमरन ने बताया कि उनके पास एक बेटा है, जिसका जन्मदिन 2 जनवरी को होता है और वो दिन साल का सबसे ठंडा दिन होता है। अपने बेटे के जन्मदिन पर वे जीरकपुर में गरीब लोगों को कपड़े बांटती हैं।

सड़क किनारे सोने वालों को बांटे कंबल
सिमरन कौर बेदी ने बताया कि समाज सेवा करने के लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है, बल्कि आप अपने आसपास ही लोक भलाई के कार्यों को अंजाम दे सकते हैं। मेरा घर प्रीत कालोनी में है और मेरे घर के सामने अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे है और यहां दोनों ओर सड़कों के किनारे काफी संख्या में गरीब लोग अपना जीवनयापन करते हैं। सर्दियां होते ही वे अपने पति के साथ जीरकपुर फ्लाईओवर के नीचे सड़क किनारे सोने वाले गरीब लोगों को कंबल बांटती हैं और उन्हें इसके अलावा उन्हें जरूरत का सामान भी वितरित करती हैं।

उन्होंने बताया कि अब वह ‘इनरव्हील’ नामक समाजसेवी संस्था के साथ जुड़ी हैं। संस्था के सदस्यों के साथ मिलकर वे बतौर अध्यक्ष शहर में अनेकों लोक भलाई के काम करती आ रही हैं। सरकारी स्कूल में बच्चों को जूते बांटती हैं और प्लास्टिक कैरीबैग पर पाबंदी में सहयोग देने के लिए वे सब्जी मंडी में जाकर लोगों को जूट के बैग बांटती हैं। अब उन्हें ये सब करना बहुत अच्छा लगता है।
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