फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेमिसालः मां से प्रेरणा लेकर पूनम सहगल बनी समाज सेविका, 15 सालों में कर रही असहायों की सेवा

Mon, 22 Jul 2019 11:40 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला
विज्ञापन
समाज सेविका पूनम सहगल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
जीवन में हालातों से बेहतरीन कोई प्रेरणा नहीं। यह कहना है पंचकूला सेक्टर-16 निवासी समाजसेविका पूनम सहगल का। जो पिछले 15 सालों से असहाय व जरूरतमंद, गरीब लोगों की मदद करते आ रहे हैं। पूनम सहगल बीते वर्ष गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए दो हजार से अधिक किताबें दान कर चुकी है। इसी साल उन्हें गणतंत्र दिवस के अवसर पर हरियाणा राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्या ने सामाजिक गतिविधियों में अग्रसर रहने के लिए सम्मानित किया। इसके अलावा उन्हें पिछले वर्ष नेशनल वूमेन पॉवर अवार्ड से भी सम्मानित किया गया।
विज्ञापन


पूनम सहगल ने बताया कि बचपन में उनके पिता की मृत्यु होने के कारण उनके परिवार को कई परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। लेकिन उनकी मां ने कभी हार नहीं मानी और अपनी पांचों बेटियों को पढ़ा लिखाकर काम करने के काबिल बनाया। उन्होंने बताया कि उनकी समाजसेवा युवावस्था में शुरू हुई जब उन्होंने सरकारी सिलाई सेंटर में सिलाई सीखने के बाद गरीब लड़कियों को सिलाई सिखाकर सेंटर खोलकर दिए। पूनम सहगल कई एनजीओ व समाजसेवी संस्थाओं से जुड़ी हैं।

उन्होंने बताया कि वह प्रत्येक वर्ष गरीब बच्चों को गर्म कपड़े, वॉटर बोतल, टिफिन बॉक्स और मिठाईयां बांटती है। उन्होंने अपने क्लब की कई महिलाओं के टैलेंट को निखारने के साथ-साथ उन्हें रोजी रोटी कमाने के योग्य बनाया। फिलहाल वह राष्ट्रीय महिला जागृति मंच की राष्ट्रीय उपप्रधान, राष्ट्रीय पंजाबी महासभा की राज्य उपप्रधान व रेनबो लेडीज क्लब की प्रधान हैं। उन्होंने सभी महिलाओं को परिस्थितियों से घबराकर डटकर जीवन की चुनौतियों का सामना करने को कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें