कभी साढ़े चार सौ रुपये की नौकरी करने वाले प्रसिद्ध उद्योगपति तरसेम कुमार रूबी आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। कड़ी मेहनत और लगन ने उन्हें फर्श से अर्श तक पहुंचा दिया। उनके इस लंबे सफर की कहानी काफी दर्द भरी है। जिस समाज ने उन्हें मान-सम्मान दिया उसके लिए वे कुछ कर गुजरने को हमेशा तत्पर रहते हैं।
पंजाब के जिला श्री मुक्तसर साहिब से तरसेम कुमार रूबी परिवार के साथ 1984 में यहां आ गए। इसके बाद सन् 1990 में उन्होंने सफलता के लिए अपने कदम को आगे बढ़ाया। सबसे पहले उन्होंने साढ़े चार सौ रुपये की नौकरी की। लेकिन जब खर्चा पूरा नहीं हुआ तो उसे छोड़ दिया। इसके बाद तरसेम कुमार रूबी ने एक इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्री में काम शुरू किया।
किस्मत ने साथ नहीं दिया और वह इस कार्य में असफल साबित हो गए। लेकिन उन्होंने अपना हौसला नहीं छोड़ा। परिवार के सदस्यों ने भी पूरा साथ दिया। सन 1993 में उन्होंने रेमेड फार्मास्युटिकल्स कंपनी शुरू की, जो आज देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी अपना अलग पहचान बना चुकी है। उनकी इस कंपनी में करीब 100 लोग नौकरी कर रहे हैं। उनके मुताबिक कोट बिल्ला में उनका फार्म हाउस है, जहां से खेतीबाड़ी भी करते हैं।