रामलीला के रावण को अब बॉलीवुड में एंट्री मिल गई है। अक्षय कुमार की गोल्ड और सिंह इंज ब्लींग जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से पंचकूला के नितिन शर्मा ने सबका दिल जीत लिया। लगातार रामलीला में रावण का रोल कर रहे नितिन ने बताया कि पिछले 9 साल से रावण का रोल अदा करने से एक ओर जहां उनका अभिनय निखर रहा है तो वहीं उनके आत्मबल को भी बढ़ा मिला है। नितिन ने अपने अनुभवों को अमर उजाला के साथ साझा किया है।
पिता के सपनों को पूरा किया
नितिन ने बताया कि बचपन से उसके पिता की इच्छा थी कि वह अभिनय करे। वह सपना रामलीला के मंच पर साकार हुआ। अब टॉलीवुड से बॉलीवुड में एंट्री मिल गई, लेकिन इसे देखने के लिए पिता जीवित नहीं हैं, लेकिन वह कहते हैं कि जब उसके अभिनय की तारीफ होती है, तो उसे ऐसा लगता है कि उसने पिता का सपना साकार होने लगा है।
भाई-भतीजावाद के कारण मिली निराशा
नितिन के अनुसार वह पिछले सात साल से चंडीगढ़ स्थित थियेटर से जुड़े हैं, जिसका नाम थियेटर फॉर थियेटर है और इसके डायरेक्टर सुदेश शर्मा है। थियेटर ज्वाइन करने से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला है। थियेटर ने मेरे जीवन व करियर को एक अलग पहचान दिलाई है। सिनेमा जगत में आज भी भाई भतीजावाद चलता है। नितिन ने बताया कि ऐसे बहुत से पल आए जब, उन्हें अपनी पहचान बनाने के लिए निराश होना पड़ा। क्योंकि उनके पास ऐसे लिंक नहीं थे, जो उनके करियर को ऊंचाई तक पहुंचा सके, लेकिन इन सबके बावजूद उन्होंने खुद ही अपने आपको प्रोत्साहित किया।
अक्षय कुमार के साथ गोल्ड में किया काम
नितिन का मानना है कि कोई भी रोल छोटा या बड़ा नहीं होता। मैं एक आर्टिस्ट हूं। हर तरह के रोल करना मुझे पसंद है। अब तक मैं कई पंजाबी और हिंदी फिल्मों में काम कर चुका हूं। गोल्ड फिल्म में मैंने नैगेटिव रोल किया है। इसके अलावा मैंने सिंह इज ब्लींग, पंजाबी फिल्म रूपिंदर गांधी गैंगेस्टर व हाल ही में रिलीज हुई फिल्म परोणा में भी काम किया है। मैं कई पंजाबी गानों में मुख्य किरदार निभा चुका हूं।