नाम-ज्योति डोगरा... उम्र-61 वर्ष और खिताब मिसेज इंडिया नेशनल पैजेंट। यह है पंचकूला निवासी ज्योति डोगरा का संक्षिप्त परिचय। ज्योति डोगरा ने यह खिताब यूं ही नहीं जीता बल्कि उसके पीछे परिवार का सहयोग खास रहा। खासतौर से ज्योति डोगरा की बहुओं और उनके पति का। ज्योति डोगरा के परिवार में दो बेटे और बहुएं और नाती-पोते हैं।
मिसेज इंडिया नेशनल पैजेंट का खिताब जीतने के बाद चंडीगढ़ लौटीं ‘दादी मां’ ज्योति डोगरा ने चंडीगढ़ के होटल शिवालिक व्यू में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि यह सफर उनके लिए कठिन होता यदि परिवार का सहयोग नहीं होता। उनके पति आर्मी से रिटायर्ड हैं। इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए उन्होंने कमर कसी तो सवाल जवाब, रैंपवाक जैसे चैलेंज उनके सामने थे। घर में वह रैंप वाक की प्रेक्टिस करती थीं तो पति नुक्स निकालते थे।
चेन्नई में आयोजित इस सौंदर्य प्रतियोगिता में देश भर से आईं 72 फाइनलिस्ट के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा थी, लेकिन प्रश्नोत्तरी सेशन के साथ ही रैंप वाक में भी उन्होंने अपनी श्रेष्ठता साबित की। गौरतलब है कि ज्योति डोगरा दो माह पहले आयोजित मिसेज इंडिया पंजाब की ‘सुपर क्लासिक कैटेगरी’ में फर्स्ट रनर अप रहीं थी। ज्योति डोगरा ने बताया कि मिसेज इंडिया पंजाब के साथ उन्होंने अपने सफर की शुरुआत की। 26 मई को ऑडिशन हुए।
इस कैटेगरी के लिए क्वालीफाई करने के बाद फर्स्ट रनरअप का खिताब जीता। उन्होंने कहा कि सपनों के खत्म होने की कोई तारीख नहीं होती है और मुझे अपने सपनों पर विश्वास था। मैंने अपने सपनों का पीछा किया और जीतने के इरादे से चेन्नई में होने वाले नेशनल पेजेंट की तैयारी करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं अभिनय करने की योजना बना रही हूं और समाज सेवा में काम करना चाहती हूं।
अध्यापन के बाद अब ग्लैमर की दुनिया
ज्योति डोगरा 30 साल तक पढ़ाने के बाद बीते साल ही सेवानिवृत्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि कई युवा लड़कियां ग्लैमर की दुनिया में आना चाहती हैं। कभी जोश को कम नहीं होने देना चाहिए। जीवन में कुछ भी हासिल करने के लिए कोई उम्र नहीं होती है। ज्योति के पति, एक सेवानिवृत्त सेना अधिकारी हैं और वे पंचकूला गोल्फ कोर्स में मैनेजर हैं। उनके दो बेटे हैं, दोनों विवाहित हैं, जिनमें से एक विदेश में बसा है और दूसरा बेटा सेना में है।
पांच महिलाओं में चार सेना से
26 से 30 जुलाई तक चेन्नई में मिसेज इंडिया 2018 में पंजाब का प्रतिनिधित्व करने वाली पांच उम्मीदवार थीं। इनका चयन 72 फाइनलिस्ट में से किया गया था। पंजाब का प्रतिनिधित्व करने वाली पांच फाइनलिस्ट में से चार सेना अधिकारियों की पत्नियां थीं और एक स्क्वाड्रैन लीडर रैंक पर एयर फोर्स में कार्यरत ऑफिसर थीं।