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सुमित कुमारः दोस्त उड़ाते थे मजाक, आज पहला भारतीय जैज डांस परफॉर्मर

Mon, 01 Aug 2016 10:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पहला भारतीय जैज डांस परफॉर्मर सुमित कुमार - फोटो : फाइल फोटो
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जैज डांस करता था तो दोस्त मजाक उड़ाते थे, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। आज वो पहले भारतीय जैज डांस परफॉर्मर के रूप में जाना जाता है। ये प्रोफाइल है, जैज डांसर सुमित कुमार का। इंटरनेशनल डांस फॉर्म स्ट्रीट जैज सीखने का सुमित कुमार (24) को इतना जनून था कि दोस्तों के मजाक उड़ाने के बावजूद वह इसे सीखता रहा।
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आखिर मेहनत रंग लाई और इंडियन नेशनल टेलीविजन पर इस डांस की कला को भारतीय लोगों के सामने लाने वाला पहला परफॉर्मर बना। सुमित कुमार की संघर्षपूर्ण कहानी, जो उन्होंने अमर उजाला से साझा की।

जो कभी हंसते थे, आज उसी डांस की वीडियो कर रहे पोस्ट
सुमित कुमार ने बताया कि जो उसके डांस पर कभी हंसते थे आज खुद वही डांस कर, उसकी वीडियो बनाकर सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर अपलोड कर रहे हैं।

स्कूल जाने से पहले न्यूजपेपर बांटता था
सुमित कुमार ने बताया कि वह अपनी मां और बड़े भाई के साथ चंडीगढ़ के सेक्टर 41 में रहता है। घर की आर्थिक हालत ठीक न होने के कारण बारहवीं के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। स्कूल जाने से पहले सुबह न्यूजपेपर बांटता और स्कूल के बाद शाम को सेक्टर 17 में डांस सीखता था। पैसों की कमी के कारण आगे पढ़ाई नहीं कर पाया।
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हिप पॉप, कंटेंपरेरी, सालसा, बीबोइंग डांस करते तो सभी को देखता था, लेकिन हमेशा कुछ अलग करना चाहता था। एक दिन यू-ट्यूब पर स्ट्रीट जैज डांस देखा। इसे ज्यादातर लड़कियां ही करती हैं। यह डांस हील्स पहनकर किया जाता है। मैंने यू-ट्यूब पर ही इस डांस को सीखना शुरू किया। दोस्त मजाक उड़ाते और कहते कि तुम तो लड़कियों वाला डांस कर रहे हो, तुम भी लड़कियों की तरह दिखने लग जाओगे।

सुमित का कहना था कि वे सभी उस पर हंसते। लेकिन उनकी परवाह किए बिना वह सीखता रहा। और एक रिएलिटी शो में इस डांस को परफॉर्म करने का भी मौका मिला। आज इसी डांस ने पहचान दिलाई है।

लोगों की सोच बदलना चाहता हूं
सुमित कुमार ने बताया कि इस डांस की विधा को सीखने का मकसद लोगों की सोच बदलना है। जब कोई लड़का कथक करता है तो उस पर कोई सवाल नहीं उठाता। क्योंकि कथक इंडियन डांस फार्म है। लेकिन जब उसने स्ट्रीट जैज शुरू किया तो सभी कहने लगे कि यह लड़कियों का डांस है।

लोगों ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि यह इंटरनेशनल डांस है। बस इसी सोच को बदलने के लिए यह डांस सीखा। कला तो कला है। चाहे देश की हो या विदेश की। इसे पेश करने वाला लड़का हो या लड़की।

कई वर्षों से दे रहा था ऑडिशन
सुमित कुमार ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से हर डांस रियलिटी शो के ऑडिशन दे रहा था। लेकिन कहीं सिलेक्शन नहीं होता कई बार तो ऐसा लगता कि शायद स्ट्रीट जैज डांस फार्म के कारण ही कोई सिलेक्ट नहीं कर रहा। एक बार तो ऐसी परिस्थिति बन गई कि इस डांस फार्म को छोड़ना ही मुनासिब समझा। लेकिन मेरा मन नहीं माना और इसे ही जारी रखा।
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