8वीं के छात्र सुमीर भाटिया के जज्बे को सलाम कीजिए, जिसने चंडीगढ़ में 500 से अधिक पेड़ लगाकर पर्यावरण बचाने के लिए मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़-जीरकपुर फ्लाईओवर बनाने के लिए काटे गए पेड़ों की सूचना से काफी दुखी हैं। अखबार के जरिये यह बात पता चली तो उसी दिन से ठान लिया कि पेड़ लगाएंगे।
सुमीर ने कहा, उन्होंने अपनेआप से सवाल किया कि हमारे लिए अधिक जरूरी क्या है, टिकाऊ पर्यावरण या हरे-भरे पर्यावरण की कीमत पर होने वाला विकास निश्चित रूप से पर्यावरण संरक्षण की कीमत पर इस तरह के विकास को तरजीह नहीं मिलनी चाहिए। सुमीर ने हरियाली को सुधारने की दिशा में एक छोटे से कदम के माध्यम से योगदान करने का निश्चय किया।
वह चंडीगढ़ के आसपास के क्षेत्रों में पंजाब के कई गांवों में गए। पाया कि जिन स्थानों पर बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए वनों की कटाई की गई, वहां भूजल कम हो गया है। सुमीर ने कहा, एक छोटी सी पहल के तहत हमने वृक्षारोपण अभियान चलाया और उन जगहों पर वनों की भरपाई करने के लिए 500 से अधिक नए पेड़ लगाए। इस पहल को दि ट्री बॉक्स नाम दिया है।