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बंसल ने माना टिकट बांटने में हुई गलती, हार के गिनाए पांच कारण

Wed, 04 Jan 2017 01:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Pawan Kumar Bansal - फोटो : अमर उजाला
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कांग्रेस भवन में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) से आए ऑर्ब्जवर मनोज चौहान के समक्ष कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जमकर अपनी भड़ास निकाली। 
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निगम चुनाव में हार के लिए किसी ने हाईकमान को ही दोषी ठहराया तो किसी ने टिकट वितरण को गलत बताया। सेक्टर-35 स्थित कांग्रेस भवन में आयोजित इस बैठक में जमकर हंगामा हुआ। 

बाद में पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल ने कहा कि वह हार की जिम्मेवारी अपने पर लेते हैं। उन्होंने माना कि तीन से चार टिकटें गलत वितरित हो गई थीं, जबकि उनकी जगह उनसे अच्छे उम्मीदवार हो सकते थे। 
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बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा और कांग्रेस के कई सीनियर नेता मौजूद थे। बैठक में नेताओं ने आब्जर्वर को चंडीगढ़ निगम चुनाव में कांग्रेस की हार के 5 कारण गिनाए।

ये गिनाए हार के पांच कारण

कांग्रेसी नेता - फोटो : अमर उजाला
1. हाईकमान से नहीं मिला साथ
महासचिव शशि शंकर तिवारी ने केंद्रीय नेतृत्व की कमी को पार्टी की हार का कारण बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने चुनाव को गंभीरता से लिया। जबकि सूची भेजने के बावजूद कांग्रेस हाईकमान ने स्टार प्रचार नहीं भेजे।
2. ग्राउंड लेवल पर प्रचार नहीं
सीनियर नेता पवन शर्मा ने कहा कि चुनाव के लिए स्थानीय स्तर पर भी कोई प्रचार कमेटी नहीं थी और न ही बूथ कमेटियां थीं। ऑल इंडिया कांग्रेस से भी कोई गाइडलाइन नहीं आई। 
3. गलत टिकट वितरण
सीनियर नेता डीडी जिंदल ने कहा कि कई टिकटें गलत बांटी गईं। टिकट वितरण में दोस्ती निभाई गई है।
4. बगावत रही हावी
नेता मोहम्मद सादिक ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी गुट के कारण चुनाव हारे हैं, लेकिन इस पर पवन बंसल ने कहा कि नहीं सिर्फ एक सीट पर नुकसान हुआ है मालूम हो कि वार्ड नंबर-1 से पूर्व पार्षद चंद्रमुखी शर्मा के भाई सूरजमुखी शर्मा निर्दलीय तौर पर चुनाव लड़े थे जिस कारण कांग्रेस यहां से हार गई।
5. स्थानीय स्तर पर भी नहीं मिला साथ
दवेंद्र सिंह बबला ने भी कहा कि उम्मीदवारों को पार्टी की ओर से कोई सहयोग नहीं मिला। उम्मीदवार अपने स्तर पर ही चुनाव लड़ रहे थे।
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..अब किस मुंह से जनता के बीच जाएं

Pawan kumar Bansal - फोटो : अमर उजाला
नोटबंदी को तो लोगों ने स्वीकार किया है अब किस मुंह से जनता के बीच जाएं
निगम चुनाव में कांग्रेस की ओर से जीते एकमात्र पुरुष दवेंद्र सिंह बबला ने कहा कि नोटबंदी के मुद्दे पर चुनाव लड़ा गया। चुनाव में नोटबंदी पर हमने खूब हल्ला बोला, जबकि अन्य लोकल मुद्दों को उठाने में पार्टी कामयाब नहीं रही।

अब भाजपा की जीत के साथ नोटबंदी को लोगों ने हरी झंडी दे दी है। बबला ने ऑब्जर्वर ने कहा कि अब यह बताएं कि किस मुंह के साथ जनता के बीच जाएं, कोई और मुद्दा बताएं।

कांग्रेस में कार्यकर्ता की इज्जत नहीं
डीडी जिंदल ने कहा कि बेशक कई नेता भाजपा के 4 पदाधिकारियों को मनोनीत नियुक्त किए जाने का विरोध कर रहे हैं, लेकिन वह इसकी प्रंशसा करते हैं क्योंकि कार्यकर्ता की इज्जत होनी चाहिए, जो कांग्रेस में नहीं हुई है। यह बात कहते हुए जिंदल ने यह भी कहा कि वह पवन बंसल की इज्जत करते हैं लेकिन जो बात सच है, वह सच है। 

छह को डीसी आफिस के बाहर प्रदर्शन करेगी पार्टी
कांग्रेस 6 जनवरी को सेक्टर-17 के डीसी कार्यालय के बाहर नोटबंदी के खिलाफ प्रदर्शन करेगी। बैठक से एआईसीसी से आए आब्जर्वर मनोज चौहान ने प्रेसवार्ता कर कहा कि नोटबंदी ने हर वर्ग को परेशान किया है। 

उन्होंने कहा कि अब भी लोगों को बैंकों से अपनी राशि निकालने की मंजूरी नहीं दी जा रही है और पीएम मोदी कह रहे हैं कि बैंकों से कर्ज ले लो। 
उन्होंने कहा कि मोदी ने जो दो दिन पहले कहा है कि गर्भवती महिलाओं को छह हजार रुपये की राशि दी जाएगी। असल में यह योजना 30 माह से बंद थी और कांग्रेस कार्यकाल में यह राशि दी जाती थी।
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